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अल्पबहुत्व - प्रकीर्णक प्ररूपणाएँ 1-5

From जैनकोष

  • प्रकीर्णक प्ररूपणाएँ
      1. सिद्धों की अनेक अपेक्षाओं से अल्पबहुत्व प्ररूपणा

      ( राजवार्तिक 10/9/14/647/27 )

      Contents

      • 1 1. असंहरण सिद्ध व जन्मसिद्ध की अपेक्षा
      • 2 2. क्षेत्र की अपेक्षा- (केवल संहरण सिद्धों में)
      • 3 3. काल की अपेक्षा
      • 4 4. अंतर की अपेक्षा
        • 4.1 निरंतर होनेवालों की अपेक्षा-
        • 4.2 सांतर होनेवालों की अपेक्षा-
      • 5 5. गति की अपेक्षा
        • 5.1
        • 5.2 एकांतर गति अपेक्षा-
      • 6 6. वेदानुयोग की अपेक्षा
      • 7 7. तीर्थंकर व सामान्य केवली की अपेक्षा
      • 8 8. चारित्र की अपेक्षा
      • 9 9. प्रत्येक बुद्ध व बोधित बुद्ध की अपेक्षा
      • 10 10. ज्ञान की अपेक्षा
        • 10.1 अनंतर ज्ञानापेक्षा-
        • 10.2 विशेषापेक्षया-
      • 11 11. अवगाहना की अपेक्षा
      • 12 12. युगपत् प्राप्त सिद्धों की संख्या की अपेक्षा
        • 12.1 मनुष्य पर्याय से-
        • 12.2 मनुष्यणी पर्याय से-
      • 13 2. 1-1,2-2 आदि कर के संचय होने वाले जीवों की अल्पबहुत्व प्ररूपणा-
        • 13.1 अल्पबहुत्व प्ररूपणा-
        • 13.2 1. गति मार्गणा-
          • 13.2.1 (1) स्वस्थान की अपेक्षा-
          • 13.2.2 (2) परस्थान की अपेक्षा-
          • 13.2.3 (3) स्व परस्थान की अपेक्षा-
        • 13.3 2. इंद्रिय मार्गणा-
          • 13.3.1 स्व व परस्थान की अपेक्षा-
        • 13.4 3. अन्य मार्गणाएँ-
          • 13.4.1 स्व व परस्थानों की अपेक्षा-
      • 14 3. तेईस वर्गणाओं संबंधी प्ररूपणाएँ-
        • 14.1 1. एक श्रेणी वर्गणाके द्रव्य प्रमाण की अपेक्षा-
        • 14.2 2. नाना श्रेणी वर्गणाके द्रव्य प्रमाण की अपेक्षा-
        • 14.3 3. नाना श्रेणी प्रदेश प्रमाण की अपेक्षा-
        • 14.4 4. एक श्रेणी द्रव्य, नाना श्रेणी द्रव्य और प्रदेश की अपेक्षा स्व व परस्थान प्ररूपणा -
      • 15 4. पंच शरीर बद्ध वर्गणाओंकी प्ररूपणा-
        • 15.1 1. पंच वर्गणाओं के द्रव्य प्रमाण की अपेक्षा-
        • 15.2 2. पंच वर्गणाओं की अवगाहना की अपेक्षा-
        • 15.3 3. पंच शरीर बद्ध विस्रसोपचयों की अपेक्षा-
        • 15.4 4. प्रत्येक वर्गणा में समय प्रबद्ध प्रदेशों की अपेक्षा -
        • 15.5 5. शरीर बद्ध विस्रसोपचयों की स्व व परस्थान अपेक्षा-
          • 15.5.1 स्वस्थान अपेक्षा-
          • 15.5.2 परस्थान अपेक्षा-
        • 15.6 6. पंच शरीर बद्ध प्रदेशों की अपेक्षा-
        • 15.7
        • 15.8 7. औदारिक शरीर बद्ध प्रदेशों की अपेक्षा-
        • 15.9 8. इंद्रिय बद्ध प्रदेशों की अपेक्षा-
      • 16 5. पंच शरीरों की अल्पबहुत्व प्ररूपणाएँ-
        • 16.1 1. सूक्ष्मता व स्थूलता की अपेक्षा-
        • 16.2 2. औदारिक शरीर विशेष की अवगाहना की अपेक्षा-
          • 16.2.1 लब्ध्य पर्याप्त के स्थान
          • 16.2.2 निवृत्ति पर्याप्तक व निवृत्त्यपर्याप्तक के स्थान
        • 16.3 3. पंचेंद्रियों की अवगाहना की अपेक्षा-
      1. असंहरण सिद्ध व जन्मसिद्ध की अपेक्षा

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      संहरण सिद्ध

      स्तोक

      -

      जन्म सिद्ध

      सं.गुणे

      2. क्षेत्र की अपेक्षा- (केवल संहरण सिद्धों में)

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      ऊर्ध्व लोक सिद्ध

      स्तोक

      -

      अधोलोक सिद्ध

      सं.गुणे

      -

      तिर्यग्लोक सा.

      सं.गुणे

      -

      तिर्यग्लोक विशेष:-

      -

      -

      समुद्र सा. सिद्ध

      स्तोक

      -

      द्वीप सा. सिद्ध

      सं.गुणे

      -

      लवण समुद्र सिद्ध

      स्तोक

      -

      कालोक समुद्र सिद्ध

      स्तोक

      -

      जंबूद्वीप सिद्ध

      सं.गुणे

      -

      धातकी सिद्ध

      सं.गुणे

      -

      पुष्करार्ध

      सं.गुणे

      3. काल की अपेक्षा

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      उत्सर्पिणी सिद्ध

      स्तोक

      -

      अवसर्पिणी

      विशेषाधिक

      -

      अनुत्सर्पिण्यनवसर्पिणी (विदेहक्षेत्र)

      सं. गुणे

      -

      प्रत्युत्पन्ननयापेक्षया

      एक समय में सिद्धि होती है। अतः अल्पबहुत्व का अभाव है।

      4. अंतर की अपेक्षा
      निरंतर होनेवालों की अपेक्षा-

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      आठ समय अंतर से

      स्तोक

      -

      सात समय अंतर से

      सं.गुणे

      -

      छः समय अंतर से

      सं.गुणे

      -

      पांच समय अंतर से

      सं.गुणे

      -

      चार समय अंतर से

      सं.गुणे

      -

      तीन समय अंतर से

      सं.गुणे

      -

      दो समय अंतर से

      सं.गुणे

      सांतर होनेवालों की अपेक्षा-

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      छः मास अंतर से

      स्तोक

      -

      एक मास अंतर से

      सं. गुणे

      -

      यव मध्य अंतर से

      सं.गुणे

      -

      अधस्तन यव मध्य अंतर से

      सं. गुणे

      -

      उपरिम यव मध्य अंतर से

      विशेषाधिक

      5. गति की अपेक्षा

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      प्रत्युत्पन्न नयापेक्षा

      सिद्ध गति में ही सिद्धि है अतः अल्पबहुत्व नहीं है

      -

      अनंतर गति अपेक्षा

      केवल मनुष्य गति से ही सिद्धि है अतः अल्पबहुत्व नहीं हैं

      एकांतर गति अपेक्षा-

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      तिर्यग्गति से

      स्तोक

      -

      मनुष्य गति से

      सं.गुणा

      -

      नरक गति से

      सं.गुणा

      -

      देव गति से

      सं.गुणा

      6. वेदानुयोग की अपेक्षा

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      प्रत्युत्पन्न नयापेक्षा

      अवेद भाव में ही सिद्धि है अतः अल्पबहुत्व नहीं है

      भूत नयापेक्षया-

      -

      नपुंसक वेद से

      स्तोक

      -

      स्त्री वेद से

      सं.गुणे

      -

      पुरुष वेद से

      सं.गुणे

      7. तीर्थंकर व सामान्य केवली की अपेक्षा

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      तीर्थंकर सिद्ध

      स्तोक

      -

      सामान्य सिद्ध

      सं.गुणे

      8. चारित्र की अपेक्षा

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      प्रत्युत्पन्न नयापेक्षया

      निर्विकल्प चारित्र से सिद्धि होने से अल्पबहुत्व नहीं है

      -

      अनंतर चारित्रापेक्षा

      यथाख्यात से ही होनेसे अल्पबहुत्व नहीं है

      एकांतर चारित्रापेक्षा-

      -

      पंच चारित्र सिद्ध

      स्तोक

      -

      चार चारित्र सिद्ध (परिहार विशुद्धि रहित)

      सं.गुणे

      9. प्रत्येक बुद्ध व बोधित बुद्ध की अपेक्षा

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      प्रत्येक बुद्ध

      स्तोक

      -

      बोधित बुद्ध

      सं.गुणे

      10. ज्ञान की अपेक्षा

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      प्रत्युत्पन्न नयापेक्षा

      केवलज्ञान से ही होने से अल्पबहुत्व नहीं

      अनंतर ज्ञानापेक्षा-

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      दो ज्ञान सिद्ध

      स्तोक

      -

      चतुःज्ञान सिद्ध

      सं.गुणे

      -

      त्रिज्ञान सिद्ध

      सं.गुणे

      विशेषापेक्षया-

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      मति श्रुत मनःपर्यय

      स्तोक

      -

      मति श्रुत से

      सं.गुणे

      -

      मति श्रुत अवधि मनःपर्याय ज्ञान से

      सं.गुणे

      -

      मति श्रुत अवधिसे

      सं.गुणे

      11. अवगाहना की अपेक्षा

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      जघन्य अवगाहना से

      स्तोक

      -

      उत्कृष्ट अवगाहना से

      सं.गुणे

      -

      यवमध्य अवगाहना से

      सं.गुणे

      -

      अधस्तन यवमध्य

      सं.गुणे

      -

      उपरि यवमध्य

      विशेषाधिक

      12. युगपत् प्राप्त सिद्धों की संख्या की अपेक्षा

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      108 सिद्ध

      स्तोक

      -

      108-50 तक के

      अनंत गुणे

      -

      49-25 तक के

      असं. गुणे

      -

      24-1 तक के

      सं.गुणे

      मनुष्य पर्याय से-

      ( धवला 9/ पृ.318)

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      1-1

      की संख्यासे होनेवाले

      स्तोक

      -

      2-2

      की संख्या से होने वाले

      विशेषाधिक

      -

      2 से अधिक संख्या से होने वाले

      सं.गुणे

      मनुष्यणी पर्याय से-

      ( धवला 9/ पृ.318)

      क्रम

      मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      -

      2 से अधिक संख्या से होनेवाले

      स्तोक

      -

      2-2

      की संख्या से

      सं.गुणे

      -

      1-1 की संख्या से

      सं.गुणे

      2. 1-1,2-2 आदि कर के संचय होने वाले जीवों की अल्पबहुत्व प्ररूपणा-

      अल्पबहुत्व प्ररूपणा-

      ( धवला 9/4,1,66/318-321 )

      संकेत - नो.कृ. (नोकृति संचित) = 1-1 करके संचित होने वाले,

      अव. (अवक्तव्य संचित) = 2-2 करके संचित होने वाले,

      कृ. (कृति संचित) = 3 आदि करके संचित होने वाले,

      पृष्ठ

      मार्गणा

      संकेत

      अल्पबहुत्व

      1. गति मार्गणा-
      (1) स्वस्थान की अपेक्षा-

      पृष्ठ

      मार्गणा

      संकेत

      अल्पबहुत्व

      318

      नरक गति सामान्य

      नो.कृ.

      स्तोक

      -

      नरक गति समान्य

      अव.

      विशेषाधिक

      -

      -

      कृ.

      ज.प्र./असं.गुणे

      318

      1-7 पृथिवी

      -

      नरक सामान्यवत्

      318

      देवगति सामान्य व विशेष

      -

      नरक गतिवत्

      318

      तिर्यंच गति सा. विशेष

      -

      नरक गतिवत्

      319

      मनुष्य गति सा. विशेष

      -

      नरक गतिवत्

      सिद्धोमें विशेषता-

      पृष्ठ

      मार्गणा

      संकेत

      अल्पबहुत्व

      318

      सिद्ध सामान्य

      कृ.

      स्तोक

      -

      -

      अव.

      सं.गुणे

      -

      -

      नो.कृ.

      सं.गुणे

      318

      मनुष्य प.से प्राप्त सिद्ध

      नो.कृ.

      स्तोक

      -

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      -

      -

      कृ.

      सं.गुणे

      -

      मनुष्यणी प.से प्राप्त सिद्ध

      कृ.

      स्तोक

      -

      -

      अव.

      सं.गुणे

      -

      -

      नो.कृ

      सं.गुणे

      (2) परस्थान की अपेक्षा-

      पृष्ठ

      मार्गणा

      संकेत

      अल्पबहुत्व

      319

      7वीं पृथिवी

      नो.कृ.

      स्तोक

      -

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      319

      6-1ली पृथिवी तक सब में पृथक् पृथक् अपने उपर की अपेक्षा

      नो.कृ.

      सं.गुणे

      -

      -

      अव. विशेषाधिक

      319

      7वीं पृथिवी

      कृ.

      असं.गुणे

      319

      6ठी पृथिवी

      कृ.

      असं.गुणे

      319

      5वीं पृथिवी

      कृ.

      असं.गुणे

      319

      4थी पृथिवी

      कृ.

      असं.गुणे

      320

      3री

      पृथिवी

      कृ.

      असं.गुणे

      320

      2री पृथिवी

      कृ.

      असं.गुणे

      320

      1ली पृथिवी

      कृ.

      असं.गुणे

      (3) स्व परस्थान की अपेक्षा-

      पृष्ठ

      मार्गणा

      संकेत

      अल्पबहुत्व

      320

      मनुष्यणी

      कृ.

      स्तोक

      -

      -

      अव.

      सं.गुणी

      -

      -

      नो.कृ.

      सं.गुणी

      320

      मनुष्य

      नो.कृ.

      असं.गुणी

      -

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      320

      तिर्यंच योनिमति

      नो.कृ.

      असं.गुणी

      -

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      320

      नारकी

      नो.कृ.

      असं.गुणी

      -

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      320

      देव

      नो.कृ.

      असं.गुणी

      -

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      320

      देवियाँ

      नो.कृ.

      असं.गुणी

      -

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      320

      मनुष्य

      कृ.

      असं.गुणी

      320

      नारकी

      कृ.

      असं.गुणी

      320

      तिर्यंच योनिमति

      कृ.

      असं.गुणी

      320

      देव

      कृ.

      असं.गुणी

      320

      देवियाँ

      कृ.

      असं.गुणी

      320

      तिर्यंच सामान्य

      नो.कृ.

      अनंतगुणी

      320

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      -

      -

      कृ.

      असं.गुणी

      320 सिद्ध

      कृ.

      अनंतगुणी

      -

      -

      अव.

      सं.गुणी

      -

      -

      नो.कृ.

      सं.गुणी

      2. इंद्रिय मार्गणा-
      स्व व परस्थान की अपेक्षा-

      पृष्ठ

      मार्गणा

      संकेत

      अल्पबहुत्व

      321

      चतुरिंद्रिय

      नो.कृ.

      स्तोक

      -

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      321

      त्रींद्रिय

      नो.कृ.

      विशेषाधिक

      -

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      321

      द्वींद्रिय

      नो.कृ.

      विशेषाधिक

      -

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      321

      पंचेंद्रिय

      नो.कृ.

      असं.गुणे

      -

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      -

      -

      कृ.

      असं.गुणे

      321

      चतुरिंद्रिय

      कृ.

      विशेषाधिक

      321

      त्रींद्रिय

      कृ.

      विशेषाधिक

      321

      द्वींद्रिय

      कृ.

      विशेषाधिक

      321

      एकेंद्रिय

      नो.कृ.

      अनंत गुणे

      -

      -

      अव.

      विशेषाधिक

      -

      -

      कृ.

      असं.गुणे

      नोट - इससे आगेके सर्व स्थान यथायोग्य एकेंद्रिवत् जानना।

      3. अन्य मार्गणाएँ-
      स्व व परस्थानों की अपेक्षा-

      पृष्ठ

      मार्गणा

      संकेत

      अल्पबहुत्व

      319

      मनःपर्यय ज्ञान

      -

      नरक गतिवत्

      319

      क्षायिक सम्यग्दृष्टि

      -

      नरक गतिवत्

      319

      संयत सामान्य विशेष

      -

      नरक गतिवत्

      319

      अनुत्तरादि विमानोंसे मनुष्य होनेवाले देव

      -

      नरक गतिवत्

      319

      तथा अन्य संख्यात राशियाँ

      -

      नरक गतिवत्

      3. तेईस वर्गणाओं संबंधी प्ररूपणाएँ-

      23 वर्गणाओंके नाम-

      ( षट्खंडागम 14/5,56/ सू.76-97/54-118)

      1. एक प्रदेशप्रमाणु वर्गणा; 2. संख्याताणु वर्गणा; 3. असंख्याताणु वर्गणा; 4. अनंताणु वर्गणा; 5. आहारक वर्गणा; 6. अग्राह्य वर्गणा; 7. तैजस शरीर वर्गणा; 8. अग्राह्य वर्गणा; 9.भाषा वर्गणा; 10. अग्राह्य वर्गणा; 11. मनो वर्गणा; 12. अग्राह्य वर्गणा; 13. कार्मण वर्गणा; 14. ध्रुव स्कंध मार्गणा; 15. सांतरनिरंतर वर्गणा; 16. ध्रुव शून्य वर्गणा; 17. प्रत्येक शरीर वर्गणा; 18. ध्रुव शून्य वर्गणा; 19. बादर निगोद वर्गणा; 20. ध्रुव शूऩ्य वर्गणा; 21. सूक्ष्म निगोद वर्गणा; 22. ध्रुव शून्य वर्गणा; 23. महा स्कंध वर्गणा।

      वर्ग.सं. अल्पबहुत्व गुणकार

      1. एक श्रेणी वर्गणाके द्रव्य प्रमाण की अपेक्षा-

      ( धवला 14/ पृ.163-169)

      वर्ग.सं.

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      1

      स्तोक

      एक संख्या प्रमाण

      2

      सं.गुणी

      एक कम उत्कृष्ट संख्या

      3

      असं.गुणी

      स्व राशि/असं.

      5

      अनंतगुणी

      स्व राशि/असं.

      7

      अनंतगुणी

      स्व राशि/अनंत

      9

      अनंतगुणी

      उपरोक्त श्रेणी/स्व राशि

      11

      अनंतगुणी

      उपरोक्त श्रेणी/स्व राशि

      13

      अनंतगुणी

      उपरोक्त श्रेणी/स्व राशि

      4

      अनंतगुणी

      अभव्य X अनंत

      6

      अनंतगुणी

      अभव्य X अनंत

      8

      अनंतगुणी

      अभव्य X अनंत

      10

      अनंतगुणी

      अभव्य X अनंत

      12

      अनंतगुणी

      अभव्य X अनंत

      14

      अनंतगुणी

      सर्व जीव राशि X अनंत

      15

      अनंतगुणी

      सर्व जीव राशि X अनंत

      16

      अनंतगुणी

      सर्व जीव राशि X अनंत

      17

      असं.गुणी

      पल्य/असं.

      18

      अनंतगुणी

      अनंतलोक

      19

      असं.गुणी

      ज.श्रे./अस.

      20

      अस.गुणी

      अंगु/असं.

      21

      असं.गुणी

      पल्य/असं.

      23

      असं.गुणी

      ज.प्र./असं.

      22

      असं.गुणी

      पल्य/असं.

      2. नाना श्रेणी वर्गणाके द्रव्य प्रमाण की अपेक्षा-

      ( धवला 14/ पृ.169-179 तथा 208-212)

      वर्ग.सं.

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      23

      स्तोक

      एक संख्या प्रमाण

      19

      असं.गुणे

      आ./असं.=असं.लोक

      21

      असं.गुणे

      आ./असं.=असं.लोक

      17

      असं.गुणे

      आ./असं.=असं.लोक

      15

      अनंत गुणे

      सर्व जीव राशि X अनंत

      14

      अनंत गुणे

      सर्व जीव राशि X अनंत

      13

      अनंत गुणे

      अभव्य X अनंत

      12

      अनंत गुणे

      अभव्य X अनंत

      11

      अनंत गुणे

      स्व गुणहानि शलाकाकी अन्योन्याभ्यस्त राशि

      10

      अनंत गुणे

      स्व गुणहानि शलाकाकी अन्योन्याभ्यस्त राशि

      9

      अनंत गुणे

      स्व गुणहानि शलाकाकी अन्योन्याभ्यस्त राशि

      8

      अनंत गुणे

      स्व गुणहानि शलाकाकी अन्योन्याभ्यस्त राशि

      7

      अनंत गुणे

      स्व गुणहानि शलाकाकी अन्योन्याभ्यस्त राशि

      6

      अनंत गुणे

      स्व गुणहानि शलाकाकी अन्योन्याभ्यस्त राशि

      5

      अनंत गुणे

      स्व गुणहानि शलाकाकी अन्योन्याभ्यस्त राशि

      4

      अनंत गुणे

      स्व गुणहानि शलाकाकी अन्योन्याभ्यस्त राशि

      1

      अनंत गुणे

      जघन्य परीतानंत

      2

      सं.गुणे

      2 कम उत्कृष्ट संख्यात

      3

      असं.गुणी

      -

      16

      -

      ध्रुव शून्य वर्गणाओंका कथन नहीं किया क्योंकि वह पुद्गल रूप नहीं है आकाश रूप है

      18

      -

      -

      20

      -

      -

      22

      -

      -

      3. नाना श्रेणी प्रदेश प्रमाण की अपेक्षा-

      ( धवला 14/ पृ.213-215)

      वर्ग.सं.

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      17

      स्तोक

      -

      23

      अनंत गुणे

      अनंत लोक

      19

      असं.गुणे

      असं.लोक

      21

      असं.गुणे

      असं.लोक

      15

      अनंत गुणे

      सर्व जीव X अनंत

      14

      अनंत गुणे

      सर्व जीव X अनंत

      13

      अनंत गुणे

      स्व अन्योन्याभ्यस्तराशि

      12

      अनंत गुणे

      स्व अन्योन्याभ्यस्तराशि

      11

      अनंत गुणे

      स्व अन्योन्याभ्यस्तराशि

      10

      अनंत गुणे

      स्व अन्योन्याभ्यस्तराशि

      9

      अनंत गुणे

      स्व अन्योन्याभ्यस्तराशि

      8

      अनंत गुणे

      स्व अन्योन्याभ्यस्तराशि

      7

      अनंत गुणे

      स्व अन्योन्याभ्यस्तराशि

      6

      अनंत गुणे

      स्व अन्योन्याभ्यस्तराशि

      5

      अनंत गुणे

      स्व अन्योन्याभ्यस्तराशि

      4

      अनंत गुणे

      स्व अन्योन्याभ्यस्तराशि

      1

      अनंत गुणे

      स्व अन्योन्याभ्यस्तराशि

      2

      असं.गुणे

      -

      3

      असं.गुणे

      -

      16

      -

      ध्रुव शून्य वर्गणाका कथन नहीं किया क्योंकि वह पुद्गल रूप नहीं है आक्राश रूप है।

      18

      -

      -

      20

      -

      -

      22

      -

      -

      4. एक श्रेणी द्रव्य, नाना श्रेणी द्रव्य और प्रदेश की अपेक्षा स्व व परस्थान प्ररूपणा -

      ( धवला 14/ पृ.215-223)

      वर्ग.सं.

      एकश्रेणी या नाना श्रेणी

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      1

      एक श्रेणी द्रव्य

      स्तोक

      एक संख्या ही है

      23

      नाना श्रेणी द्रव्य

      स्तोक

      एक संख्या ही है

      2

      एक श्रेणी द्रव्य

      सं.गुणी

      एक कम उत्कृष्ट संख्या

      19

      नाना श्रेणी द्रव्य

      असं.गुणी

      असं.लोक

      21

      नाना श्रेणी द्रव्य

      असं.गुणी

      असं.लोक

      17

      नाना श्रेणी द्रव्य

      असं.गुणी

      असं.लोक

      3

      एक श्रेणी द्रव्य

      असं.गुणी

      असं.लोक

      5

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      अभव्य X अनंत

      4

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      अभव्य X अनंत

      7

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      अभव्य X अनंत

      6

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      अभव्य X अनंत

      9

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      अभव्य X अनंत

      8

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      अभव्य X अनंत

      11

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      अभव्य X अनंत

      10

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      अभव्य X अनंत

      13

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      अभव्य X अनंत

      12

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      अभव्य X अनंत

      14

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      सर्व जीव X अनंत

      15

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      सर्व जीव X अनंत

      16

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत

      सर्व जीव X अनंत

      17

      एक श्रेणी द्रव्य

      असं.गुणी

      पल्य/असं.

      17

      नाना श्रेणी द्रव्य

      असं.गुणी

      असं.लोक

      18

      एक श्रेणी द्रव्य

      अनंत गुणी

      अनंत लोक

      19

      एक श्रेणी द्रव्य

      असं.गुणे

      पल्य/असं.

      20

      एक श्रेणी द्रव्य

      असं.गुणे

      अंगु/असं.

      21

      एक श्रेणी द्रव्य

      असं.गुणे

      आ./असं.

      23

      एक श्रेणी द्रव्य

      असं.गुणे

      ज.प्र./असं.

      22

      एक श्रेणी द्रव्य

      असं.गुणे

      पल्य/असं.

      नाना श्रेणियों में

      वर्ग.सं.

      एकश्रेणी या नाना श्रेणी

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      -

      कुल द्रव्य कुल प्रदेश

      -

      -

      23

      X कुल प्रदेश

      विशेषाधिक

      -

      19

      X कुल प्रदेश

      असं.गुणे

      -

      21

      X कुल प्रदेश

      असं.गुणे

      -

      15

      कुल प्रदेश X

      अनंत गुणे

      सर्व जीव X अनंत

      15

      X कुल प्रदेश

      अनंत गुणे

      सर्व जीव X अनंत

      14

      कुल प्रदेश X

      अनंत गुणे

      सर्व जीव X अनंत

      14

      X कुल प्रदेश

      अनंत गुणे

      अभव्य X अनंत

      13

      कुल प्रदेश X

      अनंत गुणे

      निचला स्थान\स्व अन्योन्याभ्यस्त राशि

      13

      X कुल प्रदेश

      अनंत गुणे

      अभव्य X अनंत

      12

      कुल प्रदेश X

      अनंत गुणे

      पीछे.नं. 13 वत्

      12

      X कुल प्रदेश

      अनंत गुणे

      एक अधिक अधस्तन अध्वार

      11

      कुल प्रदेश X

      अनंत गणे

      पीछें नं. 13 वत्

      11

      X कुल प्रदेश

      अनंत गुणे

      पीछे. नं. 12 वत्

      10

      कुल प्रदेश X

      अनंत गुणे

      पीछें नं. 13 वत्

      10

      X कुल प्रदेश

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 12 वत्

      9

      कुल प्रदेश X

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 13 वत्

      9

      X कुल प्रदेश

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 12 वत्

      8

      कुल प्रदेश X

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 13 वत्

      8

      X कुल प्रदेश

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 12 वत्

      7

      कुल प्रदेश X

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 13 वत्

      7

      X कुल प्रदेश

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 12 वत्

      6

      कुल प्रदेश X

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 13 वत्

      6

      X कुल प्रदेश

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 12 वत्

      5

      कुल प्रदेश X

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 13 वत्

      5

      X कुल प्रदेश

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 12 वत्

      4

      कुल प्रदेश X

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 13 वत्

      4

      X कुल प्रदेश

      अनंत गुणे

      पीछे नं. 12 वत्

      1

      कुल प्रदेश X

      अनंत गुणे

      पीछे नं.13 वत्

      1

      X कुल प्रदेश

      ऊपर समान

      -

      2

      कुल प्रदेश X

      सं.गुणा

      एक कम उत्कृष्ट संख्या

      2

      X कुल प्रदेश

      सं.गुणा

      संख्यात

      3

      कुल प्रदेश X

      असं.गुणे

      असं.लोक

      3

      X कुल प्रदेश

      असं.गुणे

      असं.लोक

      16

      -

      -

      नाना श्रेणीमें इनका कथन नहीं होता क्योंकि ये आकाश रूप हैं, पुद्गल रूप नहीं।

      18

      -

      -

      -

      20

      -

      -

      -

      21

      -

      -

      -

      4. पंच शरीर बद्ध वर्गणाओंकी प्ररूपणा-

      1. पंच वर्गणाओं के द्रव्य प्रमाण की अपेक्षा-

      ( धवला 9/4,1,2/37 )

      वर्गणा का नाम

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      आहारक वर्गणा

      स्तोक

      -

      तैजस वर्गणा

      अनंत गुणे

      -

      भाषा वर्गणा

      अनंत गुणे

      -

      मनो वर्गणा

      अनंत गुणे

      -

      कार्माण वर्गणा

      अनंत गणे

      -

      2. पंच वर्गणाओं की अवगाहना की अपेक्षा-

      ( षट्खंडागम 14/5,6/ सू.790-796/562)

      वर्गणा का नाम

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      औ. योग्य आहारक वर्गणा

      स्तोक

      X

      वै. योग्य आहारक वर्गणा

      असं.गुणे

      ज.श्रे/अस.

      आ. योग्य आहारक वर्गणा

      असं.गुणे

      ज.श्रे/असं.

      तै. योग्य तैजस वर्गणा

      अनंत गुणे

      सिद्ध/अनंत

      भाषा योग्य भाषा वर्गणा

      अनंत गुणे

      सिद्ध/अनंत

      मन योग्य मनो वर्गणा

      अनंत गुणे

      सिद्ध/अनंत

      कर्म योग्य कार्मण वर्गणा

      अनंत गुणे

      सिद्ध/अनंत

      3. पंच शरीर बद्ध विस्रसोपचयों की अपेक्षा-

      ( धवला 14/5,6/324 )

      वर्गणा का नाम

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      औ. योग्य आहारकका ज. विस्र

      स्तोक

      -

      औ. योग्य आहारकका उ. विस्र

      असं.गुणे

      पल्य/असं.

      वै.

      योग्य आहारकका ज. विस्र

      अनंत गुणे

      सर्व जीवXअनंत

      वै. योग्य आहारकका उ. विस्र

      असं.गुणे

      पल्य/असं.

      आ. योग्य आहारकका ज. विस्र

      अनंत गुणे

      सर्व जीवXअनंत

      आ. योग्य आहारकका उ. विस्र

      असं. गुणे

      पल्य/असं.

      तै. योग्य तैजस ज. विस्र

      अनंत गुणे

      सर्व जीवXअनंत

      तै. योग्य तैजस उ. विस्र

      असं. गुणे

      पल्य/असं.

      का. योग्य तैजस ज. विस्र

      अनंत गुणे

      सर्व जीवXअनंत

      का. योग्य तैजस ज. विस्र

      असं.गुणे

      पल्य/असं.

      4. प्रत्येक वर्गणा में समय प्रबद्ध प्रदेशों की अपेक्षा -

      ( षट्खंडागम 14/5,6/785-789/560 )

      वर्गणा का नाम

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      औ. योग्य आहारक वर्गणा

      स्तोक

      X

      वै. योग्य आहारक वर्गणा

      असं.गुणे

      ज.श्रे./असं.

      आ.योग्य आहारक वर्गणा

      असं.गुणे

      ज.श्रे/असं.

      तै. योग्य तैजस वर्गणा

      अनंत गुणे

      सिद्ध/अनंत

      भाष योग्य भाषा वर्गणा

      अनंत गुणे

      सिद्ध/अनंत

      मन योग्य मनो वर्गणा

      अनंत गुणे

      सिद्ध/अनंत

      कर्म योग्य कार्मण वर्गणा

      अनंत गुणे

      सिद्ध/ अनंत

      5. शरीर बद्ध विस्रसोपचयों की स्व व परस्थान अपेक्षा-
      स्वस्थान अपेक्षा-

      ( षट्खंडागम 14/5,6/ सू.544-548/453)

      वर्गणा का नाम

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      ज.औ.का ज. पदमें ज. विस्र.

      स्तोक

      -

      ज. औ.का उ. पदमें उ. विस्र.

      अनंत गुणे

      जीवXअनंत

      उ. औ.का ज. पदमें ज. विस्र.

      अनंत गुणे

      जीवXअनंत

      उ. औ.का उ. पदमें उ. विस्र.

      अनंत गुणे

      जीवXअनंत

      वैक्रियिक के चारों स्थान

      उपरोक्तवत्

      -

      आहारक के चारों स्थान

      उपरोक्तवत्

      -

      तैजस के चारों स्थान

      उपरोक्तवत्

      -

      कार्मण के चारों स्थान

      उपरोक्तवत्

      -

      परस्थान अपेक्षा-

      ( षट्खंडागम 14/5,6/ सू.544-552/455)

      वर्गणा का नाम

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      ज. औ.का ज. पदमें ज. विस्र.

      स्तोक

      -

      ज. औ.का उ. पदमें उ. विस्र.

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      उ. औ.का ज. पदमें ज. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      उ. औ.का उ. पदमें उ. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      ज. वै. ज. पदमें ज. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      ज. वै. उ. पदमें उ. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      उ. वै. ज. पदमें ज. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      उ. वै. उ. पदमें उ. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      ज. आ. ज. पदमें ज. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      ज. आ. उ. पदमें उ. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      उ. आ. ज. पदमें ज. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      उ. आ. उ. पदमें उ. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      ज. तै. ज. पदमें ज. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      ज. तै. उ. पदमें उ. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      उ. तै. ज. पदमें ज. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      उ. तै. उ. पदमें उ. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      ज. का. ज. पदमें ज. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      ज. का. उ. पदमें उ. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      उ. का. ज. पदमें ज. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      उ. का. उ. पदमें उ. विस्र

      अनंतगुणे

      जीवXअनंत

      6. पंच शरीर बद्ध प्रदेशों की अपेक्षा-

      ( षट्खंडागम 14/5-6/ सू.497-501/429)

      वर्गणा का नाम

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      औदारिक शरीर प्रदेश

      स्तोक

      -

      वैक्रियक शरीर प्रदेश

      असं.

      ज.श्रे./असं.

      आहार शरीर प्रदेश

      असं.

      ज.श्रे./असं.

      तैजस शरीर प्रदेश

      अनंत

      सिद्ध/अनंत

      कार्मण शरीर प्रदेश

      अनंत

      सिद्ध/अनंत

      ( सर्वार्थसिद्धि 2/38-39/102-103 ) ( राजवार्तिक 2/38-39/4/148 ) ( गोम्मटसार जीवकांड / जीवतत्त्व प्रदीपिका/246/510/2 )

      7. औदारिक शरीर बद्ध प्रदेशों की अपेक्षा-

      ( षट्खंडागम 14/5,6/ सू.575-580/466)

      वर्गणा का नाम

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      त्रस कायिक के प्रदेश

      स्तोक

      -

      अग्नि कायिक के प्रदेश

      असं. गुणे

      -

      पृथिवी कायिक के प्रदेश

      विशेषाधिक

      -

      अप कायिक के प्रदेश

      विशेषाधिक

      -

      वायु कायिक के प्रदेश

      विशेषाधिक

      -

      वनस्पति कायिक के प्रदेश

      अनंत गुणे

      -

      8. इंद्रिय बद्ध प्रदेशों की अपेक्षा-

      ( राजवार्तिक 1/19/6/231 )

      वर्गणा का नाम

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      चक्षु

      सर्वतःस्तोक

      -

      श्रोत्र

      सं.गुणे

      -

      घ्राण

      विशेषाधिक

      -

      जिह्वा

      असं.गुणे

      -

      स्पर्शन

      अनंत गुणे

      -

      5. पंच शरीरों की अल्पबहुत्व प्ररूपणाएँ-

      1. सूक्ष्मता व स्थूलता की अपेक्षा-

      ( सर्वार्थसिद्धि 2/37/100 )

      सूत्र

      नाम शरीर या मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      -

      औदारिक शरीर

      सर्वतःस्थूल

      -

      -

      वैक्रियक शरीर

      ततःसूक्ष्म

      -

      -

      आहारक शरीर

      ततःसूक्ष्म

      -

      -

      तैजस शरीर

      ततःसूक्ष्म

      -

      -

      कार्मण शरीर

      ततःसूक्ष्म

      -

      2. औदारिक शरीर विशेष की अवगाहना की अपेक्षा-

      (ष.स्र.11/4,2,5/सू.31-99/56-70) ( धवला 1/1,3,4/251/7 ) ( धवला 4/1,3,23/94/7 ) ( धवला 9/4,1,2/17/4 )

      लब्ध्य पर्याप्त के स्थान

      सूत्र

      नाम शरीर या मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      31

      निगोद या बन. साधारण सू.अप.की ज. अवगाहना

      स्तोक

      अंगु./पल्य\असं.

      32

      वायु सू. अप.की ज.

      असं.गुणी

      आ./असं.

      33

      तेज सू. अप.की ज.

      असं.गुणी

      आ./असं.

      34

      अप् सू. अप.की ज.

      असं.गुणी

      आ./असं.

      35

      पृथिवी सू. अप.की ज.

      असं.गुणी

      आ./असं.

      36

      वायु वा. अप.की ज. असं.गुणी

      पल्य/असं.

      37

      तेज वा. अप.की ज. असं.गुणी

      पल्य/असं.

      38

      जल वा. अप.की ज. असं.गुणी

      पल्य/असं.

      39

      पृथिवी वा. अप.की ज. असं.गुणी

      पल्य/असं.

      40

      निगोद या बन. साधारण बा.अप.की ज. असं.गुणी

      पल्य/असं.

      41

      निगोद प्रतिष्ठित प्रत्येक अप.की ज. असं.गुणी

      पल्य/असं.

      42

      अप्रतिष्ठित प्रत्येक बन.अप.की ज. असं.गुणी

      पल्य/असं.

      43

      द्वींद्रिय अप.की ज. असं.गुणी

      पल्य/असं.

      44

      त्रींद्रिय अप.की ज. असं.गुणी

      पल्य/असं.

      45

      चतुरिंद्रिय अप.की ज. असं.गुणी

      पल्य/असं.

      46

      पंचेंद्रिय अप.की ज. असं.गुणी

      पल्य/असं.

      निवृत्ति पर्याप्तक व निवृत्त्यपर्याप्तक के स्थान

      सूत्र

      नाम शरीर या मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      47

      बन. साधारण या निगोद सू.प.की.ज.

      ऊपर से असं.गुणी

      आ./असं.

      48

      उपरोक्त अप.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      49

      उपरोक्त प.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      50

      वायु सू. प.की.ज.

      असं.गुणी

      आ./असं.

      51

      वायु सू. अप.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      52

      वायु सू. प.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      53

      तेज सू. प.की ज.

      असं.गुणी

      आ./असं.

      54

      तेज सू. अप.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      55

      तेज सू. प.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      56

      अप सू. प.की ज.

      असं.गुणी

      आ./असं.

      57

      जल सू. अप.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      58

      जल सू. प.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      59

      पृथ्वी सू. प.की ज.

      असं.गुणी

      आ./असं.

      60

      पृथ्वी सू. अप.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      61

      पृथ्वी सू. प.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      62

      वायु बा. प.की ज.

      असं.गुणी

      आ./असं.

      63

      वायु बा. अप.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      64

      वायु बा. प.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      65

      तेज बा. प.की ज.

      असं.गुणी

      आ./असं.

      66

      तेज बा. अप.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      67

      तेज बा. प.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      68

      अप् बा. प.की ज.

      असं.गुणी

      आ./असं.

      69

      अप् बा. अप.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      70

      अप् बा. प.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      71

      पृथ्वी बा. प.की ज.

      असं. गुणी

      आ./असं.

      72

      पृथ्वी बा. अप.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      73

      पृथ्वी बा. प.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      74

      बन, साधारण या निगोद बा.प.की ज.

      असं.गुणी

      पल्य/असं.

      75

      उपरोक्त बा. अप.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      76

      उपरोक्त बा. प.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      77

      बन. प्रतिष्ठित प्रत्येक या निगोद प.की. ज.

      असं.गुणी

      पल्य/असं.

      78

      उपरोक्त अप.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      79

      उपरोक्त प.की उ.

      विशेषाधिक

      अंगु./असं.

      80

      वन. अप्रतिष्ठित प्रत्येक प.की ज.

      असं.गुणी

      पल्य/असं.

      81

      द्वींद्रिय प.की ज.

      असं.गुणी

      पल्य/असं.

      82

      त्रींद्रिय प.की ज.

      सं.गुणी

      सं.समय

      83

      चतुरिंद्रिय प.की ज.

      सं.गुणी

      सं.समय

      84

      पंचेंद्रिय प.की ज.

      सं.गुणी

      सं.समय

      85

      त्रींद्रिय अप.की उ.

      सं.गुणी

      सं.समय

      86

      चतुरिंद्रिय अप.की उ.

      सं.गुणी

      सं.समय

      87

      द्वींद्रिय अप.की उ.

      सं.गुणी

      सं.समय

      88

      बन.अप्रतिष्ठित प्रत्येक अप.की उ.

      सं.गुणी

      सं.समय

      89

      पंचेंद्रिय अप.की उ.

      सं.गुणी

      सं.समय

      90

      त्रींद्रिय प.की उ.

      सं.गुणी

      सं.समय

      91

      चतुरिंद्रिय प.की उ.

      सं.गुणी

      सं.समय

      92

      द्वींद्रिय प.की उ.

      सं.गुणी

      सं.समय

      93

      वन. अप्रतिष्ठित प्रत्येक प.की उ.

      सं.गुणी

      सं.समय

      94

      पंचेंद्रिय प.की उ.

      सं.गुणी

      सं.समय

      95

      एक सूक्ष्म से अन्य सूक्ष्म = आ./असं.गुणी

      -

      96

      सूक्ष्म से बादर = असं.गुणी

      -

      97

      बादर से क्ष्म = आ./असं.गुणी

      -

      98

      बादर से बादर = पल्य/असं.गुणी

      -

      99

      बादर से दूसरा बादर = सं.समय गुणी

      -

      3. पंचेंद्रियों की अवगाहना की अपेक्षा-

      ( धवला 1/1,1,5/235/4 )

      सूत्र

      नाम शरीर या मार्गणा

      अल्पबहुत्व

      गुणकार

      -

      चक्षु इंद्रिय अवगाहना

      स्तोक

      -

      -

      श्रोत्र

      सं.घुणी

      -

      -

      घ्राण

      विशेषाधिक

      -

      -

      जिह्वा

      असं.गुणी

      -

      -

      स्पर्शन

      सं.गुणी

      -

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