• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • ग्रन्थ
  • Discussion
  • View source
  • View history

ग्रन्थ

ग्रन्थ:बोधपाहुड़ गाथा 40

From जैनकोष

मयरायदोसरहिओ कसायमलवज्जिओ य सुविशुद्धो ।
चित्तपरिणामरहिदो केवलभावे मुणेयव्वो ॥४०॥
मदरागदोषरहित: कषायमलवर्जित: च सुविशुद्ध: ।
चित्तपरिणामरहित: केवलभावे ज्ञातव्य: ॥४०॥


आगे भाव की प्रधानता से वर्णन करते हैं -
हरिगीत
राग-द्वेष विकार वर्जित विकल्पों से पार हैं ।
कषायमल से रहित केवलज्ञान से परिपूर्ण हैं ॥४०॥
केवलभाव अर्थात्‌ केवलज्ञानरूप ही एक भाव होते हुए अरहंत होते हैं - ऐसा जानना । मद अर्थात्‌ मानकषाय से हुआ गर्व, राग, द्वेष अर्थात्‌ कषायों के तीव्र उदय से होनेवाले प्रीति और अप्रीतिरूप परिणाम इनसे रहित हैं, पच्चीस कषायरूप मल उसका द्रव्यकर्म तथा उनके उदय से हुआ भावमल उससे रहित है, इसीलिए अत्यन्त विशुद्ध है-निर्मल है, चित्तपरिणाम अर्थात्‌ मन के परिणमनरूप विकल्प से रहित है, ज्ञानावरणकर्म के क्षयोपशमरूप मन का विकल्प नहीं है, इसप्रकार केवल एक ज्ञानरूप वीतरागस्वरूप ‘भाव अरहंत’ जानना ॥४०॥


Previous Page Next Page

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=ग्रन्थ:बोधपाहुड़_गाथा_40&oldid=7642"
Categories:
  • बोधपाहुड़
  • आचार्य कुंद्कुंद
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 2 November 2013, at 16:15.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki