• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in
Shivir Banner

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

Test 5a

From जैनकोष

प्रमाण पृष्ठ नं. योग स्थान जघन्य या उत्कृष्ट काल जघन्य काल उत्कृष्ट सम्भव जीव समास उस पर्याय का विशेष समय
421, 424 उपपाद जघन्य 1 समय 1 समय सूक्ष्म, बादर, एक, द्वी, त्रि. चतुरिन्द्रिय विग्रहगति में वर्तमान व तद्भवस्थ होने के प्रथम समय
428 उपपाद उत्कृष्ट 1 समय 1 समय पंचेेद्रिय, असंज्ञी, संज्ञी, लब्ध्यपर्याप्त, निर्वृत्यपर्याप्त तद्भवस्थ होने के प्रथम समय में
421, 425 एकांतानुवृद्धि जघन्य 1 समय 1 समय उपरोक्त सर्व जीव लब्ध्यपर्याप्त, निर्वृत्यपर्याप्त तद्भवस्थ होने के द्वितीय समय
428 एकांतानुवृद्धि उत्कृष्ट 1 समय 1 समय उपरोक्त सर्व जीव लब्ध्यपर्याप्त, निर्वृत्यपर्याप्त एकांतानुवृद्धि योगकाल का अन्तिम समय
429 एकांतानुवृद्धि उत्कृष्ट 1 समय 1 समय उत्पन्न होने के अन्तर्मुहुर्त पश्चात अनन्तर समय
423 एकांतानुवृद्धि जघन्य 1 समय 4 समय द्वी-संज्ञी निर्वृत्यपर्याप्त पर्याप्ति का प्रथम समय पर्याप्ति के निकट
423 एकांतानुवृद्धि उत्कृष्ट 1 समय 4 समय द्वी-संज्ञी निर्वृत्यपर्याप्त पर्याप्ति का प्रथम समय पर्याप्ति के निकट
431, 422, 427 परिणाम जघन्य 1 समय 4 समय सूक्ष्म, बादर, एक-संज्ञी निर्वृत्यपर्याप्त छठी पर्याप्ति के प्रथम समय से आगे
426 परिणाम जघन्य 1 समय 4 समय सूक्ष्म, बादर, एक. लब्ध्यपर्याप्त परभविक आयु बन्ध योग्य काल से उपरिम भवस्थिति
427, 430 परिणाम जघन्य 1 समय 4 समय सूक्ष्म, बादर, एक. लब्ध्यपर्याप्त आयु बन्ध योग्य काल के प्रथम समय से तृतीय भाग तक में वर्तमान जीव
422, 423 परिणाम जघन्य 1 समय 2 समय सूक्ष्म, बादर, एक. निर्वृत्यपर्याप्त परंपरा शेष पांच पर्याप्तियों से पर्याप्त हो चुकने पर
429, 430 परिणाम जघन्य 1 समय 2 समय द्वी-संज्ञी लब्ध्यपर्याप्त स्व स्व भवस्थिति के तृतीय भाग में वर्तमान आयुबन्ध योग्य प्रथम समय से भव के अन्त तक
422 परिणाम जघन्य 1 समय 2 समय सूक्ष्म, बादर, एक-संज्ञी, लब्ध्यपर्याप्त . स्व स्व भवस्थिति के तृतीय भाग में वर्तमान आयुबन्ध योग्य प्रथम समय से भव के अन्त तक
430 परिणाम जघन्य 1 समय 2 समय द्वी-संज्ञी लब्ध्यपर्याप्त जीवन के अन्तिम तृतीय भाग के प्रथम समय से विश्रमण काल के अनन्तर अधस्तन समय तक
431 परिणाम उत्कृष्ट 1 समय 2 समय द्वी-संज्ञी, निर्वृत्यपर्याप्त परम्परा पांचों पर्याप्तियों से पर्याप्त छह में से एक भी पर्याप्ति के अपूर्ण रहने तक भी नहीं होता।
Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=Test_5a&oldid=113603"
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 20 April 2023, at 11:09.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki