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इत्थं: Difference between revisions

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(New page: <b>देखे </b>संस्थान ।<br>Category:इ इत्वरिका - सर्वार्थसिद्धि अध्याय संख्या ७/...)
 
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<b>देखे </b>[[संस्थान]] ।<br>[[Category:इ]] इत्वरिका - [[सर्वार्थसिद्धि]] अध्याय संख्या ७/२८/३६७/१३ परपुरुषानेति गच्छतीत्येवंशीला इत्वरी। कुत्सिता इत्वरी कुत्सायां क इत्वरिका।<br>= जिसका स्वभाव अन्य पुरुषोंके पास जाना आना है वह (स्त्री) इत्वरी कहलाती है। इत्वरी अर्थात् अभिसारिका। इनमें भी जो अत्यन्त अचरट होती है वह इत्वरिका कहलाती है, यहाँ कुत्सित अर्थ में `क' प्रत्यय होकर इत्वरिका शब्द बना है।<br>([[राजवार्तिक | राजवार्तिक]] अध्याय संख्या ७/२८/२/२५/५५४)<br>[[Category:इ]] [[Category:सर्वार्थसिद्धि]] [[Category:राजवार्तिक]]
<p><span class="GRef"> सर्वार्थसिद्धि/5/24/296/1  </span><span class="SanskritText">वृत्तव्यस्रचतुरस्रायतपरिमंडलादीनामित्थंलक्षणम् । अतोऽन्यन्मेघादीनां संस्थानमनेकविधमित्थमिदमिति निरूपणाभावादनित्थंलक्षणम् ।</span> = <span class="HindiText">जिसके विषय में 'यह संस्थान इस प्रकार का है' यह निर्देश किया जा सके वह इत्थं लक्षण संस्थान है। वृत्त, त्रिकोण, चतुष्कोण, आयत और परिमंडल, आदि ये सब '''इत्थं''' लक्षण संस्थान हैं। तथा इसके अतिरिक्त मेघ आदि के आकार जो कि अनेक प्रकार के हैं और जिनके विषय में 'यह इस प्रकार का है।' यह नहीं कहा जा सकता वह अनित्थं लक्षण संस्थान है। <span class="GRef">( राजवार्तिक/5/24/13/489/1 )</span>।</span></p>
 
<span class="HindiText">अधिक जानकारी के लिये देखें [[ संस्थान#2|संस्थान-2]]</span>
 
<noinclude>
[[ इतिहास | पूर्व पृष्ठ ]]
 
[[ इत्वरिका | अगला पृष्ठ ]]
 
</noinclude>
[[Category: इ]]
[[Category: करणानुयोग]]

Latest revision as of 22:16, 17 November 2023

सर्वार्थसिद्धि/5/24/296/1 वृत्तव्यस्रचतुरस्रायतपरिमंडलादीनामित्थंलक्षणम् । अतोऽन्यन्मेघादीनां संस्थानमनेकविधमित्थमिदमिति निरूपणाभावादनित्थंलक्षणम् । = जिसके विषय में 'यह संस्थान इस प्रकार का है' यह निर्देश किया जा सके वह इत्थं लक्षण संस्थान है। वृत्त, त्रिकोण, चतुष्कोण, आयत और परिमंडल, आदि ये सब इत्थं लक्षण संस्थान हैं। तथा इसके अतिरिक्त मेघ आदि के आकार जो कि अनेक प्रकार के हैं और जिनके विषय में 'यह इस प्रकार का है।' यह नहीं कहा जा सकता वह अनित्थं लक्षण संस्थान है। ( राजवार्तिक/5/24/13/489/1 )।

अधिक जानकारी के लिये देखें संस्थान-2


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