• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

Help
 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

हेमचंद: Difference between revisions

From जैनकोष

Revision as of 13:18, 11 October 2022 (view source)
SandeshHerwade (talk | contribs)
No edit summary
← Older edit
Latest revision as of 22:36, 17 November 2023 (view source)
Maintenance script (talk | contribs)
(Imported from text file)
 
(One intermediate revision by one other user not shown)
Line 1: Line 1:
<ol class="HindiText">
<ol class="HindiText">
<li>काष्ठा संघ की गुर्वावली के अनुसार (देखें [[ इतिहास ]]) आप कुमारसेन (काष्ठा संघ के संस्थापक) के शिष्य तथा पद्मनंदि के गुरु थे। समय-वि.980, (ई.923) - देखें [[ इतिहास ]]/7/9।</li>
<li>काष्ठा संघ की गुर्वावली के अनुसार (देखें [[ इतिहास ]]) आप कुमारसेन (काष्ठा संघ के संस्थापक) के शिष्य तथा पद्मनंदि के गुरु थे। समय-वि.980, (ई.923) - देखें [[ इतिहास ]]/7/9।</li>
<li>गुजरात के धंधुग्राम में चच्चनामक वैश्य के पुत्र थे। बचपन का नाम चंगदेव था। पाँच वर्ष की आयु में देवचंद्र गणी से दीक्षा ग्रहण की। तब इनका नाम हेमचंद्र रखा गया और सोमदेव की उपाधि से विभूषित हुए। ये श्वेतांबराचार्य थे। कृतियाँ - गुजराती व्याकरण, सिद्ध हेम शब्दानुशासन, प्राकृत व्याकरण, अभिधान चिन्मामणि कोष (हैमी नाममाला), अनेकार्थसंग्रह, देशीनाममाला, काव्यानुशासन, छंदानुशासन, प्रमाणमीमांसा, अन्ययोग व्यवच्छेद (द्वात्रिंशतिका स्याद्वाद मंजरी) अयोग व्यवच्छेद द्वात्रिंशतिका, अध्यात्मोपनिषद्&zwnj;, योगशास्त्र, द्वयाश्रय महाकाव्य, निघंटुशेष, वीतरागस्तोत्र, अंतरश्लोक (द्वादशानुप्रेक्षा), त्रिषष्टि पुरुष चरित। समय - ई.1088-1173। (<span class="GRef"> सिद्धि विनिश्चय/42  </span>पं.महेंद्र) (<span class="GRef"> परमात्मप्रकाश/ </span>प्र.74,117,A.N.Up. (<span class="GRef"> कार्तिकेयानुप्रेक्षा/ </span>प्र.17 A.N.Up.)।</li></ol>
<li>गुजरात के धंधुग्राम में चच्चनामक वैश्य के पुत्र थे। बचपन का नाम चंगदेव था। पाँच वर्ष की आयु में देवचंद्र गणी से दीक्षा ग्रहण की। तब इनका नाम हेमचंद्र रखा गया और सोमदेव की उपाधि से विभूषित हुए। ये श्वेतांबराचार्य थे। कृतियाँ - गुजराती व्याकरण, सिद्ध हेम शब्दानुशासन, प्राकृत व्याकरण, अभिधान चिन्मामणि कोष (हैमी नाममाला), अनेकार्थसंग्रह, देशीनाममाला, काव्यानुशासन, छंदानुशासन, प्रमाणमीमांसा, अन्ययोग व्यवच्छेद (द्वात्रिंशतिका स्याद्वाद मंजरी) अयोग व्यवच्छेद द्वात्रिंशतिका, अध्यात्मोपनिषद्&zwnj;, योगशास्त्र, द्वयाश्रय महाकाव्य, निघंटुशेष, वीतरागस्तोत्र, अंतरश्लोक (द्वादशानुप्रेक्षा), त्रिषष्टि पुरुष चरित। समय - ई.1088-1173। <span class="GRef">( सिद्धि विनिश्चय/42  पं.महेंद्रकुमार)</span> <span class="GRef">( परमात्मप्रकाश/ प्रस्तावना 74,117,A.N.Upadhey.</span> <span class="GRef">( कार्तिकेयानुप्रेक्षा/ प्र.17 A.N.Upadhey)</span>।</li></ol>


<noinclude>
<noinclude>

Latest revision as of 22:36, 17 November 2023



  1. काष्ठा संघ की गुर्वावली के अनुसार (देखें इतिहास ) आप कुमारसेन (काष्ठा संघ के संस्थापक) के शिष्य तथा पद्मनंदि के गुरु थे। समय-वि.980, (ई.923) - देखें इतिहास /7/9।
  2. गुजरात के धंधुग्राम में चच्चनामक वैश्य के पुत्र थे। बचपन का नाम चंगदेव था। पाँच वर्ष की आयु में देवचंद्र गणी से दीक्षा ग्रहण की। तब इनका नाम हेमचंद्र रखा गया और सोमदेव की उपाधि से विभूषित हुए। ये श्वेतांबराचार्य थे। कृतियाँ - गुजराती व्याकरण, सिद्ध हेम शब्दानुशासन, प्राकृत व्याकरण, अभिधान चिन्मामणि कोष (हैमी नाममाला), अनेकार्थसंग्रह, देशीनाममाला, काव्यानुशासन, छंदानुशासन, प्रमाणमीमांसा, अन्ययोग व्यवच्छेद (द्वात्रिंशतिका स्याद्वाद मंजरी) अयोग व्यवच्छेद द्वात्रिंशतिका, अध्यात्मोपनिषद्‌, योगशास्त्र, द्वयाश्रय महाकाव्य, निघंटुशेष, वीतरागस्तोत्र, अंतरश्लोक (द्वादशानुप्रेक्षा), त्रिषष्टि पुरुष चरित। समय - ई.1088-1173। ( सिद्धि विनिश्चय/42 पं.महेंद्रकुमार) ( परमात्मप्रकाश/ प्रस्तावना 74,117,A.N.Upadhey. ( कार्तिकेयानुप्रेक्षा/ प्र.17 A.N.Upadhey)।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=हेमचंद&oldid=122997"
Categories:
  • ह
  • इतिहास
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 17 November 2023, at 22:36.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki