• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

Help
 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

इज्या: Difference between revisions

From जैनकोष

Revision as of 08:43, 12 April 2009 (view source)
Vikasnd (talk | contribs)
(New page: महापुराण सर्ग संख्या ६७/१९३याज्ञो यज्ञः क्रतुः सपर्येज्याध्वरो मखः...)
 
Latest revision as of 14:40, 27 November 2023 (view source)
Maintenance script (talk | contribs)
(Imported from text file)
 
(10 intermediate revisions by 4 users not shown)
Line 1: Line 1:
[[महापुराण]] सर्ग संख्या ६७/१९३याज्ञो यज्ञः क्रतुः सपर्येज्याध्वरो मखः। मह इत्यपि पर्यायवचनान्यर्चनाविधेः ।।१९३।।<br>= याग, यज्ञ, क्रतु, पूजा, सपर्या, इज्या, अध्वर, मख, और मह ये सब पूजा विधिके पर्यायवाचक शब्द हैं ।।१९३।।<br>[[चारित्रसार]] पृष्ठ संख्या  ४३/१ तत्रार्हत्पूजेज्या, सा च नित्यमहश्चतुर्मुखं कल्पवृक्षोऽष्टाह्निक ऐन्द्रध्वज इति।<br>= अर्हन्त भगवान्की पूजा करना इज्या कहलाती है उसके नित्यमह, चतुर्मुख, कल्पवृक्ष अष्टाह्निक और इन्द्रध्वज यह पाँच भेद हैं।<br>[[Category:इ]] [[Category:महापुराण]] [[Category:चारित्रसार]]

== सिद्धांतकोष से ==
<span class="GRef">महापुराण सर्ग संख्या 67/193 </span> <p class="SanskritText">याज्ञो यज्ञः क्रतुः सपर्येज्याध्वरो मखः। मह इत्यपि पर्यायवचनान्यर्चनाविधेः ॥193॥</p>
<p class="HindiText">= याग, यज्ञ, क्रतु, पूजा, सपर्या, इज्या, अध्वर, मख, और मह ये सब पूजा विधि के पर्यायवाचक शब्द हैं ॥193॥</p><br>
 
<span class="GRef">चारित्रसार पृष्ठ 43/1 </span><p class="SanskritText">तत्रार्हत्पूजेज्या, सा च नित्यमहश्चतुर्मुखं कल्पवृक्षोऽष्टाह्निक ऐंद्रध्वज इति।</p>
<p class="HindiText">= अर्हंत भगवान की पूजा करना इज्या कहलाती है उसके नित्यमह, चतुर्मुख, कल्पवृक्ष अष्टाह्निक और इंद्रध्वज यह पाँच भेद हैं।</p>
 
 
<noinclude>
[[ इच्छापरिमाण | पूर्व पृष्ठ ]]
 
[[ इतरनिगोद | अगला पृष्ठ ]]
 
</noinclude>
[[Category: इ]]
 
 
== पुराणकोष से ==
<div class="HindiText">  <p id="1" class="HindiText">(1) अर्हत्-पूजा । यह पूजा नित्य पूजा, कल्पद्रुम पूजा, चतुर्मुख पूजा और आष्टाह्निक पूजा के भेद से चार प्रकार की होता है । याग, यज्ञ, क्रतु, पूजा, सपर्या, अध्वर, मख और मह इसके पर्यायवाची शब्द है । <span class="GRef"> महापुराण0 38.26,67.193 </span></p>
<p id="2" class="HindiText">(2) भरतेश ने उपासकाध्ययनाग से जिन छ: वृतियों (इज्या, वार्ता, दत्ति, स्वाध्याय, संयम और तप) का उपदेश दिया था उनमें यह प्रथम वृत्ति है । <span class="GRef"> महापुराण 38.24-34 </span></p>
  </div>
 
<noinclude>
[[ इच्छापरिमाण | पूर्व पृष्ठ ]]
 
[[ इतरनिगोद | अगला पृष्ठ ]]
 
</noinclude>
[[Category: पुराण-कोष]]
[[Category: इ]]
[[Category: चरणानुयोग]]

Latest revision as of 14:40, 27 November 2023



सिद्धांतकोष से

महापुराण सर्ग संख्या 67/193

याज्ञो यज्ञः क्रतुः सपर्येज्याध्वरो मखः। मह इत्यपि पर्यायवचनान्यर्चनाविधेः ॥193॥

= याग, यज्ञ, क्रतु, पूजा, सपर्या, इज्या, अध्वर, मख, और मह ये सब पूजा विधि के पर्यायवाचक शब्द हैं ॥193॥


चारित्रसार पृष्ठ 43/1

तत्रार्हत्पूजेज्या, सा च नित्यमहश्चतुर्मुखं कल्पवृक्षोऽष्टाह्निक ऐंद्रध्वज इति।

= अर्हंत भगवान की पूजा करना इज्या कहलाती है उसके नित्यमह, चतुर्मुख, कल्पवृक्ष अष्टाह्निक और इंद्रध्वज यह पाँच भेद हैं।



पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ


पुराणकोष से

(1) अर्हत्-पूजा । यह पूजा नित्य पूजा, कल्पद्रुम पूजा, चतुर्मुख पूजा और आष्टाह्निक पूजा के भेद से चार प्रकार की होता है । याग, यज्ञ, क्रतु, पूजा, सपर्या, अध्वर, मख और मह इसके पर्यायवाची शब्द है । महापुराण0 38.26,67.193

(2) भरतेश ने उपासकाध्ययनाग से जिन छ: वृतियों (इज्या, वार्ता, दत्ति, स्वाध्याय, संयम और तप) का उपदेश दिया था उनमें यह प्रथम वृत्ति है । महापुराण 38.24-34


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=इज्या&oldid=123974"
Categories:
  • इ
  • पुराण-कोष
  • चरणानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 27 November 2023, at 14:40.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki