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रुचक: Difference between revisions

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Revision as of 15:23, 6 December 2022 (view source)
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== पुराणकोष से ==
== पुराणकोष से ==
<div class="HindiText">  <p id="1"> (1) सौधर्म और ऐशान स्वर्गों का पंद्रहवाँ पटल । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 6.45  </span>देखें [[ सौधर्म ]]</p>
<div class="HindiText">  <p id="1" class="HindiText"> (1) सौधर्म और ऐशान स्वर्गों का पंद्रहवाँ पटल । <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:हरिवंश पुराण_-_सर्ग_6#45|हरिवंशपुराण - 6.45]] </span>देखें [[ सौधर्म ]]</p>
<p id="2">(2) कापिष्ट स्वर्ग का एक विमान । <span class="GRef"> महापुराण 59. 237-238 </span></p>
<p id="2" class="HindiText">(2) कापिष्ट स्वर्ग का एक विमान । <span class="GRef"> महापुराण 59. 237-238 </span></p>
<p id="3">(3) रुचकवर पर्वत के दक्षिण-दिशावर्ती आठ कूटों में पाँचवाँ कूट । यहाँ दिक्कुमारी लक्ष्मीमती देवी रहती है । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 5.709  </span>देखें [[ रुचकवर ]]</p>
<p id="3" class="HindiText">(3) रुचकवर पर्वत के दक्षिण-दिशावर्ती आठ कूटों में पाँचवाँ कूट । यहाँ दिक्कुमारी लक्ष्मीमती देवी रहती है । <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:हरिवंश पुराण_-_सर्ग_5#709|हरिवंशपुराण - 5.709]] </span>देखें [[ रुचकवर ]]</p>
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<p id="4" class="HindiText">(4) रुचकवर पर्वत के उत्तर दिशावर्ती आठ कूटों मे सातवां कूट । यहाँ श्रीदिक्कुमारी देवी रहती है । <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:हरिवंश पुराण_-_सर्ग_5#716|हरिवंशपुराण - 5.716]] </span>देखें [[ रुचकवर ]] </p>
<p id="5">(5) रुचकवर पर्वत की दक्षिणपूर्व-आग्नेय विदिशा में स्थित एक कूट । यहाँ दिक्कुमारी रुचकोज्ज्वला देवी रहती है । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 5.722  </span>देखें [[ रुचकवर ]]</p>
<p id="5" class="HindiText">(5) रुचकवर पर्वत की दक्षिणपूर्व-आग्नेय विदिशा में स्थित एक कूट । यहाँ दिक्कुमारी रुचकोज्ज्वला देवी रहती है । <span class="GRef"> [[ग्रन्थ:हरिवंश पुराण_-_सर्ग_5#722|हरिवंशपुराण - 5.722]] </span>देखें [[ रुचकवर ]]</p>
   </div>
   </div>



Latest revision as of 15:21, 27 November 2023



सिद्धांतकोष से

सौधर्म स्वर्ग का 15वाँ पटल व इंद्रक−देखें स्वर्ग - 5.3।


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पुराणकोष से

(1) सौधर्म और ऐशान स्वर्गों का पंद्रहवाँ पटल । हरिवंशपुराण - 6.45 देखें सौधर्म

(2) कापिष्ट स्वर्ग का एक विमान । महापुराण 59. 237-238

(3) रुचकवर पर्वत के दक्षिण-दिशावर्ती आठ कूटों में पाँचवाँ कूट । यहाँ दिक्कुमारी लक्ष्मीमती देवी रहती है । हरिवंशपुराण - 5.709 देखें रुचकवर

(4) रुचकवर पर्वत के उत्तर दिशावर्ती आठ कूटों मे सातवां कूट । यहाँ श्रीदिक्कुमारी देवी रहती है । हरिवंशपुराण - 5.716 देखें रुचकवर

(5) रुचकवर पर्वत की दक्षिणपूर्व-आग्नेय विदिशा में स्थित एक कूट । यहाँ दिक्कुमारी रुचकोज्ज्वला देवी रहती है । हरिवंशपुराण - 5.722 देखें रुचकवर


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