• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

Help
 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

महिमा: Difference between revisions

From जैनकोष

Revision as of 22:22, 27 February 2015 (view source)
Vikasnd (talk | contribs)
No edit summary
 
Revision as of 09:49, 22 June 2020 (view source)
Devashish Jain (talk | contribs)
mNo edit summary
Newer edit →
Line 1: Line 1:
<p class="HindiText"><ol>
<p class="HindiText"><ol>
   <li> आन्‍ध्रदेश  के अन्‍तर्गत वेणा नदी के किनारे पर स्थित एक प्राचीन नगर। आज वेण्‍या नाम की नदी  बम्‍बई प्रान्‍त के सितारा जिले में है और उसी जिले में महिमानगढ़ नाम का एक गाँव  भी है। सम्‍भवत: यह महिमानगढ़ ही वह प्राचीन महिमा नगरी है, जहाँ कि अर्हद्बलि  आचार्य ने यति-सम्‍मेलन किया था और जहाँ से कि धरसेन आचार्य के पत्र के अनुसार  पुष्‍पदन्‍त व भूतबली नाम के दो साधु उनकी सेवा में गिरनार भेजे गये थे। इसका अपर  नाम पुण्‍ड्रवर्धन भी है। (ध.१/प्र.३१/H.L.Jain)। </li>
   <li> आन्‍ध्रदेश  के अन्‍तर्गत वेणा नदी के किनारे पर स्थित एक प्राचीन नगर। आज वेण्‍या नाम की नदी  बम्‍बई प्रान्‍त के सितारा जिले में है और उसी जिले में महिमानगढ़ नाम का एक गाँव  भी है। सम्‍भवत: यह महिमानगढ़ ही वह प्राचीन महिमा नगरी है, जहाँ कि अर्हद्बलि  आचार्य ने यति-सम्‍मेलन किया था और जहाँ से कि धरसेन आचार्य के पत्र के अनुसार  पुष्‍पदन्‍त व भूतबली नाम के दो साधु उनकी सेवा में गिरनार भेजे गये थे। इसका अपर  नाम पुण्‍ड्रवर्धन भी है। (ध.१/प्र.३१/H.L.Jain)। </li>
   <li> भरत क्षेत्र पश्चिम आर्यखण्‍ड का एक देश– देखें - [[ मनुष्‍य#4 | मनुष्‍य / ४ ]]। </li>
   <li> भरत क्षेत्र पश्चिम आर्यखण्‍ड का एक देश– देखें - [[ मनुष्य#4 | मनुष्य / ४ ]]। </li>
   <li> एक  विक्रिया ऋद्धि– देखें - [[ ऋद्धि#3 | ऋद्धि / ३ ]]। </li>
   <li> एक  विक्रिया ऋद्धि– देखें - [[ ऋद्धि#3 | ऋद्धि / ३ ]]। </li>
</ol></p>
</ol></p>

Revision as of 09:49, 22 June 2020



  1. आन्‍ध्रदेश के अन्‍तर्गत वेणा नदी के किनारे पर स्थित एक प्राचीन नगर। आज वेण्‍या नाम की नदी बम्‍बई प्रान्‍त के सितारा जिले में है और उसी जिले में महिमानगढ़ नाम का एक गाँव भी है। सम्‍भवत: यह महिमानगढ़ ही वह प्राचीन महिमा नगरी है, जहाँ कि अर्हद्बलि आचार्य ने यति-सम्‍मेलन किया था और जहाँ से कि धरसेन आचार्य के पत्र के अनुसार पुष्‍पदन्‍त व भूतबली नाम के दो साधु उनकी सेवा में गिरनार भेजे गये थे। इसका अपर नाम पुण्‍ड्रवर्धन भी है। (ध.१/प्र.३१/H.L.Jain)।
  2. भरत क्षेत्र पश्चिम आर्यखण्‍ड का एक देश– देखें - मनुष्य / ४ ।
  3. एक विक्रिया ऋद्धि– देखें - ऋद्धि / ३ ।

Previous Page Next Page

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=महिमा&oldid=30342"
Category:
  • म
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 22 June 2020, at 09:49.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki