शीला: Difference between revisions
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<p id="2">(2) व्याघ्रपुर नगर के राजा सुकांत की पुत्री और सिंहेंदु की बहिन । श्रीवर्धित ब्राह्मण ने इसका अपहरण किया था । पूर्वभव में इसे कोढ़ हो गया था । इसने भद्राचार्य के समीप अणुव्रत धारण किये थे, जिसके फलस्वरूप मरकर यह स्वर्ग गया और वहाँ से च्युत होकर | <p id="2">(2) व्याघ्रपुर नगर के राजा सुकांत की पुत्री और सिंहेंदु की बहिन । श्रीवर्धित ब्राह्मण ने इसका अपहरण किया था । पूर्वभव में इसे कोढ़ हो गया था । इसने भद्राचार्य के समीप अणुव्रत धारण किये थे, जिसके फलस्वरूप मरकर यह स्वर्ग गया और वहाँ से च्युत होकर इस नाम की स्त्री हुई । <span class="GRef"> पद्मपुराण 80. 173, 190-193 </span></p> | ||
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Revision as of 14:10, 9 February 2023
(1) रावण की रानी । पद्मपुराण 77.13
(2) व्याघ्रपुर नगर के राजा सुकांत की पुत्री और सिंहेंदु की बहिन । श्रीवर्धित ब्राह्मण ने इसका अपहरण किया था । पूर्वभव में इसे कोढ़ हो गया था । इसने भद्राचार्य के समीप अणुव्रत धारण किये थे, जिसके फलस्वरूप मरकर यह स्वर्ग गया और वहाँ से च्युत होकर इस नाम की स्त्री हुई । पद्मपुराण 80. 173, 190-193