• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

Help
 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

सुदृष्टि: Difference between revisions

From जैनकोष

Revision as of 16:59, 14 November 2020 (view source)
Maintenance script (talk | contribs)
(Imported from text file)
← Older edit
Revision as of 20:32, 29 July 2023 (view source)
Neelantchul (talk | contribs)
No edit summary
Newer edit →
Line 1: Line 1:
<div class="HindiText">  <p id="1">(1) भद्रिल नगर का एक श्रेष्ठी । इसकी स्त्री का नाम अलका था । सुनैगम देव के द्वारा देवकी के युगल पुत्र इसकी पत्नी के पास तथा इसके मृत पुत्र देवकी के पास स्थानांतरित किये गये थे । देवकी के पुत्रों के बड़े होने पर इसे अपूर्व वैभव प्राप्त हुआ । <span class="GRef"> महापुराण 71.293-296,  </span><span class="GRef"> हरिवंशपुराण 35.4-5, 9 </span></p>
<div class="HindiText">  <p id="1">(1) भद्रिल नगर का एक श्रेष्ठी। इसकी स्त्री का नाम अलका था। सुनैगम देव के द्वारा देवकी के युगल पुत्र इसकी पत्नी के पास तथा इसके मृत पुत्र देवकी के पास स्थानांतरित किये गये थे। देवकी के पुत्रों के बड़े होने पर इसे अपूर्व वैभव प्राप्त हुआ। <span class="GRef"> महापुराण 71.293-296,  </span><span class="GRef"> हरिवंशपुराण 35.4-5, 9 </span></p>
<p id="2">(2) गजपुर नगर के राजा सुप्रतिष्ठ और रानी सुनंदा का पुत्र । इनका पिता इसे राज्य-लक्ष्मी देकर दीक्षित हो गया था । <span class="GRef"> महापुराण 70. 51-57,  </span><span class="GRef"> हरिवंशपुराण 34.43, 46-47 </span></p>
<p id="2">(2) गजपुर नगर के राजा सुप्रतिष्ठ और रानी सुनंदा का पुत्र । इनका पिता इसे राज्य-लक्ष्मी देकर दीक्षित हो गया था। <span class="GRef"> महापुराण 70. 51-57,  </span><span class="GRef"> हरिवंशपुराण 34.43, 46-47 </span></p>
<p id="6">(6) कृष्ण का पक्षधर एक राजा । यह युद्ध करने कुरुक्षेत्र पहुँचा था । <span class="GRef"> महापुराण 71.74 </span></p>
<p id="6">(6) कृष्ण का पक्षधर एक राजा। यह युद्ध करने कुरुक्षेत्र पहुँचा था। <span class="GRef"> महापुराण 71.74 </span></p>
   </div>
   </div>


Line 11: Line 11:
</noinclude>
</noinclude>
[[Category: पुराण-कोष]]
[[Category: पुराण-कोष]]
[[Category: स]]
[[Category: स]][[Category: प्रथमानुयोग]]

Revision as of 20:32, 29 July 2023



(1) भद्रिल नगर का एक श्रेष्ठी। इसकी स्त्री का नाम अलका था। सुनैगम देव के द्वारा देवकी के युगल पुत्र इसकी पत्नी के पास तथा इसके मृत पुत्र देवकी के पास स्थानांतरित किये गये थे। देवकी के पुत्रों के बड़े होने पर इसे अपूर्व वैभव प्राप्त हुआ। महापुराण 71.293-296, हरिवंशपुराण 35.4-5, 9

(2) गजपुर नगर के राजा सुप्रतिष्ठ और रानी सुनंदा का पुत्र । इनका पिता इसे राज्य-लक्ष्मी देकर दीक्षित हो गया था। महापुराण 70. 51-57, हरिवंशपुराण 34.43, 46-47

(6) कृष्ण का पक्षधर एक राजा। यह युद्ध करने कुरुक्षेत्र पहुँचा था। महापुराण 71.74


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=सुदृष्टि&oldid=117102"
Categories:
  • पुराण-कोष
  • स
  • प्रथमानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 29 July 2023, at 20:32.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki