• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

Help
 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

कौशिक: Difference between revisions

From जैनकोष

Revision as of 22:15, 24 December 2013 (view source)
Vikasnd (talk | contribs)
No edit summary
← Older edit
Revision as of 21:39, 5 July 2020 (view source)
Maintenance script (talk | contribs)
(Imported from text file)
Newer edit →
Line 1: Line 1:
<p class="HindiText">विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर–दे० ‘विद्याधर’।</p>
== सिद्धांतकोष से ==
विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर–देखें [[  ]]‘विद्याधर’।


[[कौशांबी | Previous Page]]
<noinclude>
[[कौशिकी | Next Page]]
[[ कौशाम्बी | पूर्व पृष्ठ ]]


[[Category:क]]
[[ कौशिकी | अगला पृष्ठ ]]
 
</noinclude>
[[Category: क]]
 
 
== पुराणकोष से ==
<p id="1"> (1) विजयार्ध पर्वत की उत्तरश्रेणी में स्थित साठ नगरों में तेईस का नगर । राजा वर्ण इसी नगर के नृप थे । पाण्डव प्रवास काल में यहाँ आये थे । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 22. 88, 45.61,  </span><span class="GRef"> पांडवपुराण 13.2-3 </span></p>
<p id="2">(2) अदिति देवी द्वारा नमि और विनमि को प्रदत्त आठ विद्यानिकायों में एक विद्या-निकाय । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 22.57 </span></p>
<p id="3">(3) सिद्धकूट जिनालय में कौशिक स्तम्भ का आश्रय लेकर बैठने वाली विद्याधरों की एक जाति । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 26.13 </span></p>
<p id="4">(4) एक ऋषि । परशुराम के भय से कार्यवीर्य की गर्भवती पत्नी तारा भयभीत होकर गुप्त रूप से इसी के आश्रय में गयी थी । चन्दन वन की प्रसिद्ध वेश्या रंगसेना की पुत्री कामपताका के नृत्य को देखकर यह क्षुब्ध हो गया था । कामपताका की प्राप्ति मे बाधक होने से राजा को अपना द्वेषी जानकर इसने सर्प बनकर राजा को मारने का शाप दिया । निदान वश मरकर यह सर्प हुआ । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 25.8-11, 29. 28-32, 49-50  </span>इसकी चपलवेगा नाम की भार्या तथा उससे उत्पन्न मृगश्रंग नामक पुत्र था । <span class="GRef"> महापुराण 62.380 </span></p>
 
<noinclude>
[[ कौशाम्बी | पूर्व पृष्ठ ]]
 
[[ कौशिकी | अगला पृष्ठ ]]
 
</noinclude>
[[Category: पुराण-कोष]]
[[Category: क]]

Revision as of 21:39, 5 July 2020

== सिद्धांतकोष से == विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर–देखें [[ ]]‘विद्याधर’।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ


पुराणकोष से

(1) विजयार्ध पर्वत की उत्तरश्रेणी में स्थित साठ नगरों में तेईस का नगर । राजा वर्ण इसी नगर के नृप थे । पाण्डव प्रवास काल में यहाँ आये थे । हरिवंशपुराण 22. 88, 45.61, पांडवपुराण 13.2-3

(2) अदिति देवी द्वारा नमि और विनमि को प्रदत्त आठ विद्यानिकायों में एक विद्या-निकाय । हरिवंशपुराण 22.57

(3) सिद्धकूट जिनालय में कौशिक स्तम्भ का आश्रय लेकर बैठने वाली विद्याधरों की एक जाति । हरिवंशपुराण 26.13

(4) एक ऋषि । परशुराम के भय से कार्यवीर्य की गर्भवती पत्नी तारा भयभीत होकर गुप्त रूप से इसी के आश्रय में गयी थी । चन्दन वन की प्रसिद्ध वेश्या रंगसेना की पुत्री कामपताका के नृत्य को देखकर यह क्षुब्ध हो गया था । कामपताका की प्राप्ति मे बाधक होने से राजा को अपना द्वेषी जानकर इसने सर्प बनकर राजा को मारने का शाप दिया । निदान वश मरकर यह सर्प हुआ । हरिवंशपुराण 25.8-11, 29. 28-32, 49-50 इसकी चपलवेगा नाम की भार्या तथा उससे उत्पन्न मृगश्रंग नामक पुत्र था । महापुराण 62.380


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=कौशिक&oldid=36178"
Categories:
  • क
  • पुराण-कोष
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 5 July 2020, at 21:39.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki