• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

Help
 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

वासव: Difference between revisions

From जैनकोष

Revision as of 15:26, 6 October 2014 (view source)
Vikasnd (talk | contribs)
No edit summary
← Older edit
Revision as of 21:47, 5 July 2020 (view source)
Maintenance script (talk | contribs)
(Imported from text file)
Newer edit →
Line 1: Line 1:
<p class="HindiText">गन्धर्व नामक व्यन्तर देवों का एक भेद।–देखें - [[ गन्धर्व | गन्धर्व। ]]</p>
== सिद्धांतकोष से ==
गन्धर्व नामक व्यन्तर देवों का एक भेद।–देखें [[ गन्धर्व ]]।


[[वासना | Previous Page]]
<noinclude>
[[वासुकि | Next Page]]
[[ वासना | पूर्व पृष्ठ ]]


[[Category:व]]
[[ वासवकेतु | अगला पृष्ठ ]]
 
</noinclude>
[[Category: व]]
 
 
== पुराणकोष से ==
<p id="1">(1) राजा जरासन्ध का पुत्र । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 52.38 </span></p>
<p id="2">(2) राजा वसु का तीसरा पुत्र । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 17.58 </span></p>
<p id="3">(3) जम्बूद्वीप के पूर्व विदेहक्षेत्र में पुष्कलावती देश के अरिष्टपुर नगर का राजा । यह सुषेण का जनक था । <span class="GRef"> महापुराण 71. 400-401  </span></p>
<p id="4">(4) जम्बूद्वीप का सीता नदी के उत्तरतट पर स्थित कच्छकावती देश में अरिष्टपुर नगर का नृप । इसकी रानी सुमित्रा और उससे उत्पन्न वसुसेन पुत्र था । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 60. 75-77 </span></p>
<p id="5">(5) कुरुवंशी एक नृप । यह वासुकि का पुत्र और वसु का पिता था । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 45.26 </span></p>
<p id="6">(6) विद्याधर नमि का पुत्र । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 22.108 </span></p>
<p>4 जम्बूद्वीप के पूर्वविदेहक्षेत्र में स्थित मंगलावती देश के विजयार्ध पर्वत का उत्तरश्रेणी में गन्धर्वपुर का एक विद्याधर राजा । इसकी रानी प्रभावती तथा पुत्र महीधर था । जीवन के अन्त में यह अरिंजय मुनि के निकट मुक्तावली-तप करके मोक्ष गया । <span class="GRef"> महापुराण 7.28-31 </span></p>
<p id="8">(8) झूठ-बोलने में चतुर एक व्यक्ति । इसने श्रीमती द्वारा चित्रपट पर अंकित राजपुत्री को देखकर उसे स्वयं की स्त्री होना बताया था किन्तु पूछे गये प्रश्नों के उत्तर न दे सकने से इसे लज्जित होना पड़ा था । <span class="GRef"> महापुराण 7.112-115 </span></p>
<p id="9">(9) श्वेतविका नगरी का राजा । वसुन्धरा इसकी रानी तथा नन्दयशा पुत्री थीं । <span class="GRef"> महापुराण 71.283,  </span><span class="GRef"> हरिवंशपुराण 33.161 </span></p>
<p id="10">(10) विदर्भ देश के कुण्डलपुर नगर का राजा । श्रीमती इसकी रानी और रुक्मिणी पुत्री थी । <span class="GRef"> महापुराण 71.341 </span></p>
<p id="11">(11) स्त्री वेषधारी एक नट । कुमार श्रीपाल ने देखते ही इसे पुरुष समझ लिया था । नट और नटी के इस भेद ज्ञान से निमित्तज्ञानियों के कथनानुसार श्रीपाल को चक्रवती के रूप में पहिचाना गया था । <span class="GRef"> महापुराण 47. 9-18 </span></p>
 
<noinclude>
[[ वासना | पूर्व पृष्ठ ]]
 
[[ वासवकेतु | अगला पृष्ठ ]]
 
</noinclude>
[[Category: पुराण-कोष]]
[[Category: व]]

Revision as of 21:47, 5 July 2020

== सिद्धांतकोष से == गन्धर्व नामक व्यन्तर देवों का एक भेद।–देखें गन्धर्व ।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ


पुराणकोष से

(1) राजा जरासन्ध का पुत्र । हरिवंशपुराण 52.38

(2) राजा वसु का तीसरा पुत्र । हरिवंशपुराण 17.58

(3) जम्बूद्वीप के पूर्व विदेहक्षेत्र में पुष्कलावती देश के अरिष्टपुर नगर का राजा । यह सुषेण का जनक था । महापुराण 71. 400-401

(4) जम्बूद्वीप का सीता नदी के उत्तरतट पर स्थित कच्छकावती देश में अरिष्टपुर नगर का नृप । इसकी रानी सुमित्रा और उससे उत्पन्न वसुसेन पुत्र था । हरिवंशपुराण 60. 75-77

(5) कुरुवंशी एक नृप । यह वासुकि का पुत्र और वसु का पिता था । हरिवंशपुराण 45.26

(6) विद्याधर नमि का पुत्र । हरिवंशपुराण 22.108

4 जम्बूद्वीप के पूर्वविदेहक्षेत्र में स्थित मंगलावती देश के विजयार्ध पर्वत का उत्तरश्रेणी में गन्धर्वपुर का एक विद्याधर राजा । इसकी रानी प्रभावती तथा पुत्र महीधर था । जीवन के अन्त में यह अरिंजय मुनि के निकट मुक्तावली-तप करके मोक्ष गया । महापुराण 7.28-31

(8) झूठ-बोलने में चतुर एक व्यक्ति । इसने श्रीमती द्वारा चित्रपट पर अंकित राजपुत्री को देखकर उसे स्वयं की स्त्री होना बताया था किन्तु पूछे गये प्रश्नों के उत्तर न दे सकने से इसे लज्जित होना पड़ा था । महापुराण 7.112-115

(9) श्वेतविका नगरी का राजा । वसुन्धरा इसकी रानी तथा नन्दयशा पुत्री थीं । महापुराण 71.283, हरिवंशपुराण 33.161

(10) विदर्भ देश के कुण्डलपुर नगर का राजा । श्रीमती इसकी रानी और रुक्मिणी पुत्री थी । महापुराण 71.341

(11) स्त्री वेषधारी एक नट । कुमार श्रीपाल ने देखते ही इसे पुरुष समझ लिया था । नट और नटी के इस भेद ज्ञान से निमित्तज्ञानियों के कथनानुसार श्रीपाल को चक्रवती के रूप में पहिचाना गया था । महापुराण 47. 9-18


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=वासव&oldid=43097"
Categories:
  • व
  • पुराण-कोष
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 5 July 2020, at 21:47.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki