गोवर्द्धन दास
From जैनकोष
पानीपत निवासी एक प्रसिद्ध पण्डित थे। पिता नन्दलाल थे। शिष्य का नाम लक्ष्मीचन्द था। ‘शकुन विचार’ नाम की एक छोटी-सी पुस्तक भी लिखी है। समय वि.१७६२ (ई.१७०५)। (हिन्दी जैन साहित्य इतिहास/पृ १७९/कामताप्रसाद)।
पानीपत निवासी एक प्रसिद्ध पण्डित थे। पिता नन्दलाल थे। शिष्य का नाम लक्ष्मीचन्द था। ‘शकुन विचार’ नाम की एक छोटी-सी पुस्तक भी लिखी है। समय वि.१७६२ (ई.१७०५)। (हिन्दी जैन साहित्य इतिहास/पृ १७९/कामताप्रसाद)।