• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

धर्मनाथ

From जैनकोष

Revision as of 19:16, 22 September 2022 by Bhumi Doshi (talk | contribs)
(diff) ← Older revision | Latest revision (diff) | Newer revision → (diff)


Contents

  • 1 सामान्य परिचय
  • 2 पूर्व भव सम्बंधित तथ्य
  • 3 गर्भ-जन्म कल्याणक सम्बंधित तथ्य
  • 4 दीक्षा कल्याणक सम्बंधित तथ्य
  • 5 ज्ञान कल्याणक सम्बंधित तथ्य
  • 6 निर्वाण कल्याणक सम्बंधित तथ्य
  • 7 समवशरण सम्बंधित तथ्य
  • 8 आयु विभाग
  • 9 तीर्थ संबंधी तथ्य

सामान्य परिचय

तीर्थंकर क्रमांक 15
चिह्न वज्र
पिता भानु
माता सुप्रभा
वंश कुरु
उत्सेध (ऊँचाई) 45 धनुष
वर्ण स्‍वर्ण
आयु 10 लाख वर्ष

पूर्व भव सम्बंधित तथ्य

पूर्व मनुष्य भव दशरथ
पूर्व मनुष्य भव में क्या थे मण्‍डलेश्‍वर
पूर्व मनुष्य भव के पिता गुप्तिमान्‍
पूर्व मनुष्य भव का देश, नगर धात.विदेह सुसीमा
पूर्व भव की देव पर्याय सर्वार्थसि.

गर्भ-जन्म कल्याणक सम्बंधित तथ्य

गर्भ-तिथि वैशाख शुक्ल 13
गर्भ-नक्षत्र रेवती
जन्म तिथि माघ शुक्ल 13
जन्म नगरी रत्‍नपुर
जन्म नक्षत्र पुष्‍य
योग गुरु

दीक्षा कल्याणक सम्बंधित तथ्य

वैराग्य कारण उल्‍कापात
दीक्षा तिथि माघ शुक्ल 13
दीक्षा नक्षत्र पुष्‍य
दीक्षा काल अपराह्न
दीक्षोपवास तृतीय भक्त
दीक्षा वन शालि
दीक्षा वृक्ष दधिपर्ण
सह दीक्षित 1000

ज्ञान कल्याणक सम्बंधित तथ्य

केवलज्ञान तिथि पौष शुक्ल 15
केवलज्ञान नक्षत्र पुष्‍य
केवलोत्पत्ति काल अपराह्न
केवल स्थान रत्‍नपुर
केवल वन सहेतुक
केवल वृक्ष दधिपर्ण

निर्वाण कल्याणक सम्बंधित तथ्य

योग निवृत्ति काल 1 मास पूर्व
निर्वाण तिथि ज्‍येष्‍ठ कृष्ण 14
निर्वाण नक्षत्र पुष्‍य
निर्वाण काल प्रात:
निर्वाण क्षेत्र सम्‍मेद

समवशरण सम्बंधित तथ्य

समवसरण का विस्तार 5 योजन
सह मुक्त 801
पूर्वधारी 900
शिक्षक 40700
अवधिज्ञानी 3600
केवली 4500
विक्रियाधारी 7000
मन:पर्ययज्ञानी 4500
वादी 2800
सर्व ऋषि संख्‍या 64000
गणधर संख्‍या 43
मुख्‍य गणधर सेन
आर्यिका संख्‍या 62400
मुख्‍य आर्यिका सुव्रता
श्रावक संख्‍या 200000
मुख्‍य श्रोता सत्‍यदत्त
श्राविका संख्‍या 400000
यक्ष किंपुरुष
यक्षिणी सोलसा (अनंत.)

आयु विभाग

आयु 10 लाख वर्ष
कुमारकाल 2.5 लाख वर्ष
विशेषता मण्‍डलीक
राज्‍यकाल 5 लाख वर्ष
छद्मस्‍थ काल 1 वर्ष*
केवलिकाल 249999 वर्ष*

तीर्थ संबंधी तथ्य

जन्मान्तरालकाल 4 सागर +20 लाख वर्ष
केवलोत्पत्ति अन्तराल 3 सागर 225015 वर्ष–3/4 पल्य
निर्वाण अन्तराल 3 सागर –3/4 पल्य
तीर्थकाल 3 सागर +25000 वर्ष)–1 पल्य
तीर्थ व्‍युच्छित्ति 63/411
शासन काल में हुए अन्य शलाका पुरुष
चक्रवर्ती मघवा, सनत्‍कुमार
बलदेव सुदर्शन
नारायण पुरुषसिंह
प्रतिनारायण निशुम्‍भ
रुद्र अजितनाभि


( महापुराण/61/ श्लोक)‒पूर्वभव नं.2 में पूर्व धातकीखंड के पूर्वविदेह के वत्सदेश की सुसीमा नगरी के राजा दशरथ थे। (2-3)। पूर्वभव नं.1 में सर्वार्थसिद्धि में देव थे। (9)। वर्तमानभव में 15वें तीर्थंकर हुए।13-55। (विशेष देखें तीर्थंकर - 5)।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=धर्मनाथ&oldid=97247"
Categories:
  • ध
  • प्रथमानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 22 September 2022, at 19:16.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki