• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

Help
 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

विमल: Difference between revisions

From जैनकोष

Revision as of 16:35, 19 August 2020 (view source)
Maintenance script (talk | contribs)
(Imported from text file)
← Older edit
Revision as of 16:57, 14 November 2020 (view source)
Maintenance script (talk | contribs)
(Imported from text file)
Newer edit →
Line 1: Line 1:
== सिद्धांतकोष से ==

== सिद्धांतकोष से ==
<ol>
<ol>
   <li> विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर–देखें [[ विद्याधर ]]। </li>
   <li> विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर–देखें [[ विद्याधर ]]। </li>
Line 21: Line 22:


== पुराणकोष से ==
== पुराणकोष से ==
  <p id="1">(1) रुचकगिरि की दक्षिणदिशा का एक कूट । यशोधरादिक्कुमारी-देवी यहाँ रहती है । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 5.709 </span></p>
<div class="HindiText"> <p id="1">(1) रुचकगिरि की दक्षिणदिशा का एक कूट । यशोधरादिक्कुमारी-देवी यहाँ रहती है । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 5.709 </span></p>
<p id="2">(2) समवसरण के तीसरे कूट के पूर्वी द्वार का एक नाम । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 57. 57 </span></p>
<p id="2">(2) समवसरण के तीसरे कूट के पूर्वी द्वार का एक नाम । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 57. 57 </span></p>
<p id="3">(3) विजयार्ध पर्वत की उत्तरश्रेणी का उनचासवां नगर । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 22-90 </span></p>
<p id="3">(3) विजयार्ध पर्वत की उत्तरश्रेणी का उनचासवां नगर । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 22-90 </span></p>
Line 33: Line 34:
<p id="11">(11) मघवा चक्रवर्ती के पूर्वभव के जीव राजा शशिप्रभ के दीक्षागुरू । <span class="GRef"> पद्मपुराण 20.131-133 </span></p>
<p id="11">(11) मघवा चक्रवर्ती के पूर्वभव के जीव राजा शशिप्रभ के दीक्षागुरू । <span class="GRef"> पद्मपुराण 20.131-133 </span></p>
<p id="12">(12) सौमनस-पर्वत का एक कूट । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 15.221 </span></p>
<p id="12">(12) सौमनस-पर्वत का एक कूट । <span class="GRef"> हरिवंशपुराण 15.221 </span></p>
  </div>


<noinclude>
<noinclude>

Revision as of 16:57, 14 November 2020



सिद्धांतकोष से

  1. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर–देखें विद्याधर ।
  2. एक ग्रह–देखें ग्रह ।
  3. उत्तर क्षीरवर समुद्र का रक्षक देव–देखें व्यंतर - 4।
  4. सौमनस नामक गजदंत पर्वत का एक कूट–देखें लोक - 5.4।
  5. रुचक पर्वत का एक कूट–देखें लोक - 5.13।
  6. सौधर्म स्वर्ग का द्वि. पटल–देखें स्वर्ग - 5.3।
  7. भावी कालीन 22वें तीर्थंकर–देखें तीर्थंकर - 5।
  8. वर्तमान 13वें तीर्थंकर–देखें विमलनाथ ।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ


पुराणकोष से

(1) रुचकगिरि की दक्षिणदिशा का एक कूट । यशोधरादिक्कुमारी-देवी यहाँ रहती है । हरिवंशपुराण 5.709

(2) समवसरण के तीसरे कूट के पूर्वी द्वार का एक नाम । हरिवंशपुराण 57. 57

(3) विजयार्ध पर्वत की उत्तरश्रेणी का उनचासवां नगर । हरिवंशपुराण 22-90

(4) राजा समुद्र विजय का मंत्री । हु0 50.49

(5) रुचकगिरि की पूर्वदिशा का एक कूट, चित्रादेवी की निवासभूमि । हरिवंशपुराण 5.719

(6) सौधर्म युगल का दूसरा पटल । हरिवंशपुराण 6.44 देखें सौधर्म

(7) आगामी बाईसवें तीर्थंकर । महापुराण 76.480, हरिवंशपुराण 60. 561

(8) वर्तमान काल के तेरहवें तीर्थंकर । महापुराण 2. 131, हरिवंशपुराण 1. 15 देखें विमलनाथ

(9) जंबूद्वीप के विदेहक्षेत्र में रम्य क्षेत्र का एक पर्वत । हरिवंशपुराण 60. 66

(10) क्षीरवर समुद्र का एक रक्षक देव । हरिवंशपुराण 5.642

(11) मघवा चक्रवर्ती के पूर्वभव के जीव राजा शशिप्रभ के दीक्षागुरू । पद्मपुराण 20.131-133

(12) सौमनस-पर्वत का एक कूट । हरिवंशपुराण 15.221


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=विमल&oldid=77625"
Categories:
  • व
  • पुराण-कोष
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 14 November 2020, at 16:57.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki