• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

अप्रियवाक्

From जैनकोष

भगवती आराधना/830-832 कक्कस्सवयणं णिठ्टुरवयणं पेसुण्णहासवयणं च। जं किंचि विप्पलावं कहिंद्रवयणं समासेण।830। जत्तो पाणवघादी दोसा जायति सावज्जवयणं च। अविचारित्ता थेणं थेणत्ति जहेवमादीयं।831। परुसं कडुयं वयणं वेरं कलहं च जं भयं कुणइ। उत्तासणं च हीलणमप्पियवयणं समासेण।832। = कर्कश-वचन, निष्ठुर भाषण, पैशुन्य के वचन, उपहास का वचन, जो कुछ भी बड़बड़ करना, ये सब संक्षेप से गर्हित वचन हैं।830। [छेदन-भेदन आदि के ( पुरुषार्थ-सिद्ध्युपाय ) जिन वचनों से प्राणिवध आदि दोष उत्पन्न हों अथवा बिना विचारे बोले गये, प्राणियों की हिंसा के कारणभूत वचन सावद्य वचन हैं। जैसे−(इस सड़े सरोवर में) इस भैंस को पानी पिलाओ।831। परुष वचन जैसे - तू दुष्ट है, कटु वचन, वैर उत्पन्न करने वाले वचन, कलहकारी वचन, भयकारी या त्रासकारी वचन, दूसरों की अवज्ञाकारी होलन वचन तथा अप्रिय वचन संक्षेप से असत्य वचन हैं। पुरुषार्थ-सिद्ध्युपाय/96-98 ।


देखें वचन ।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=अप्रियवाक्&oldid=119201"
Categories:
  • अ
  • द्रव्यानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 17 November 2023, at 22:15.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki