ज्ञानकल्याणक

From जैनकोष



तीर्थंकरों के पाँच कल्याणकों में चौथा कल्याणक । यह तीर्थंकरों को केवलज्ञान प्राप्त होने पर देवों द्वारा संपादित उत्सव विशेष होता है । हरिवंशपुराण 2. 60


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