ज्ञानचंद्र

From जैनकोष

वि.1775 (ई.1718) के एक भट्टारक। आपने पंचास्तिकाय की टीका लिखी है। ( पंचास्तिकाय/ प्र.3/पं.पन्नालाल)।


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ