ज्ञानभावना

From जैनकोष



मुनि के ध्यान में सहायक पाँच भावनाएं । वाचना, पृच्छना, अनुप्रेक्षण, परिवर्तन (आवृत्ति) और धर्मदेशन पांच भावनाएं हैं । महापुराण 21.95-96


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