• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

Help
 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

अग्निला: Difference between revisions

From जैनकोष

Revision as of 22:14, 17 November 2023 (view source)
Maintenance script (talk | contribs)
(Imported from text file)
← Older edit
Latest revision as of 14:39, 27 November 2023 (view source)
Maintenance script (talk | contribs)
(Imported from text file)
 
Line 1: Line 1:
<div class="HindiText">  <p id="1">(1) मगध देश के शालिग्राम वासी सोमदेव ब्राह्मण की भार्या । इसके दो पुत्र थे ― अग्निभूति और वायुभूति।  शालिग्राम में आये मुनि नंदिवर्धन पर उपसर्ग करने की चेष्टा के फलस्वरूप यक्ष द्वारा कीलित अपने पुत्रों को इसने मुक्त कराया था । <span class="GRef"> महापुराण 72. 3-4, 30-32,  </span><span class="GRef"> [[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_101#98|पद्मपुराण - 101.98-126]],  </span><span class="GRef"> हरिवंशपुराण 43.100 </span></p>
<div class="HindiText">  <p id="1" class="HindiText">(1) मगध देश के शालिग्राम वासी सोमदेव ब्राह्मण की भार्या । इसके दो पुत्र थे ― अग्निभूति और वायुभूति।  शालिग्राम में आये मुनि नंदिवर्धन पर उपसर्ग करने की चेष्टा के फलस्वरूप यक्ष द्वारा कीलित अपने पुत्रों को इसने मुक्त कराया था । <span class="GRef"> महापुराण 72. 3-4, 30-32,  </span><span class="GRef"> [[ग्रन्थ:पद्मपुराण_-_पर्व_101#98|पद्मपुराण - 101.98-126]],  </span><span class="GRef"> [[ग्रन्थ:हरिवंश पुराण_-_सर्ग_43#100|हरिवंशपुराण - 43.100]] </span></p>
<p id="2">(2) मगध देश में स्थित अचल ग्राम के घरणीजट ब्राह्मण की गृहिणी । इंद्रभूति और अग्निभूति इसके पुत्र थे । <span class="GRef"> महापुराण 62.325-326  </span>। पपू0 4.194</p>
<p id="2" class="HindiText">(2) मगध देश में स्थित अचल ग्राम के घरणीजट ब्राह्मण की गृहिणी । इंद्रभूति और अग्निभूति इसके पुत्र थे । <span class="GRef"> महापुराण 62.325-326  </span>। पपू0 4.194</p>
<p id="3">(3) चंपापुर नगर के अग्निभूति की पत्नी । इसकी धनश्री, सोमश्री और नागवी तीन पुत्रियाँ थी । <span class="GRef"> महापुराण 72.228-230 </span></p>
<p id="3" class="HindiText">(3) चंपापुर नगर के अग्निभूति की पत्नी । इसकी धनश्री, सोमश्री और नागवी तीन पुत्रियाँ थी । <span class="GRef"> महापुराण 72.228-230 </span></p>
   </div>
   </div>



Latest revision as of 14:39, 27 November 2023



(1) मगध देश के शालिग्राम वासी सोमदेव ब्राह्मण की भार्या । इसके दो पुत्र थे ― अग्निभूति और वायुभूति। शालिग्राम में आये मुनि नंदिवर्धन पर उपसर्ग करने की चेष्टा के फलस्वरूप यक्ष द्वारा कीलित अपने पुत्रों को इसने मुक्त कराया था । महापुराण 72. 3-4, 30-32, पद्मपुराण - 101.98-126, हरिवंशपुराण - 43.100

(2) मगध देश में स्थित अचल ग्राम के घरणीजट ब्राह्मण की गृहिणी । इंद्रभूति और अग्निभूति इसके पुत्र थे । महापुराण 62.325-326 । पपू0 4.194

(3) चंपापुर नगर के अग्निभूति की पत्नी । इसकी धनश्री, सोमश्री और नागवी तीन पुत्रियाँ थी । महापुराण 72.228-230


पूर्व पृष्ठ

अगला पृष्ठ

Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=अग्निला&oldid=123119"
Categories:
  • पुराण-कोष
  • अ
  • प्रथमानुयोग
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 27 November 2023, at 14:39.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki