• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

 Actions
  • Page
  • Discussion
  • View source
  • View history

भाई! ब्रह्मज्ञान नहिं जाना रे

From जैनकोष

भाई! ब्रह्मज्ञान नहिं जाना रे
सब संसार दु:ख सागरमें, जामन मरन कराना रे।।भाई. ।।
तीन लोकके सब पुद्गल तैं, निगल निगल उगलाना रे ।
छर्दि डारके फिर तू चाखै, उपजै तोहि न ग्लाना रे ।।भाई. ।।१ ।।
आठ प्रदेश बिन तिहुँ जगमें, रहा न कोइ ठिकाना रे ।
उपजा मरा जहाँ तू नाहीं, सो जानै भगवाना रे ।।भाई. ।।२ ।।
भव भवके नख केस नालका, कीजे जो इक ठाना रे ।
होंय अधिक ते गिरी सुमेरुतैं, भाखा वेद पुराना रे ।।भाई. ।।३ ।।
जननी थन-पय जनम जनम को, जो तैं कीना पाना रे ।
सो तो अधिक सकल सागरतैं, अजहूँ नाहिं अघाना रे ।।भाई. ।।४ ।।
तोहि मरण जे माता रोई, आँसू जल सगलाना रे ।
अधिक होय सब सागरसेती, अजहूँ त्रास न आना रे ।।भाई. ।।५ ।।
गरभ जनम दुख बाल बृद्ध दुख, वार अनन्त सहाना रे ।
दरवलिंग धरि जे तन त्यागे, तिनको नाहिं प्रमाना रे ।।भाई. ।।६ ।।
बिन समभाव सहे दुख एते, अजहूँ चेत अयाना रे ।
ज्ञान-सुधारस पी लहि `द्यानत', अजर अमरपद थाना रे ।।भाई. ।।७ ।।


Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=भाई!_ब्रह्मज्ञान_नहिं_जाना_रे&oldid=589"
Categories:
  • भजन
  • Bhajan
  • द्यानतरायजी
  • आध्यात्मिक भक्ति
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 15 February 2008, at 22:48.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki