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Category:देव भक्ति

From जैनकोष

विभिन्न कवियों द्वारा रचित देव भक्ति

Pages in category "देव भक्ति"

The following 74 pages are in this category, out of 74 total.

अ

  • अरिरजरहस हनन प्रभु अरहन

आ

  • आज मैं परम पदारथ पायौ
  • आपा प्रभु जाना मैं जाना
  • आरति श्रीजिनराज तिहारी, करमदलन संतन हितकारी

उ

  • उरग-सुरग-नरईश शीस जिस, आतपत्र त्रिधरे

ए

  • ए मान ये मन कीजिये भज प्रभु तज सब बात हो

औ

  • और अबै न कुदेव सुहावै

क

  • करौं आरती वर्द्धमानकी । पावापुर निरवान थान की

घ

  • घड़ि-घड़ि पल-पल छिन-छिन निशदिन

च

  • चन्द्रानन जिन चन्द्रनाथ के
  • चौबीसौं को वंदना हमारी

ज

  • जगदानंदन जिन अभिनंदन
  • जपि माला जिनवर नामकी
  • जय श्री ऋषभ जिनंदा! नाश तौ करो स्वामी मेरे दुखदंदा
  • जाऊँ कहाँ तज शरन तिहारे
  • जानो धन्य सो धन्य सो धीर वीरा
  • जिन के भजन में मगन रहु रे!
  • जिन छवि तेरी यह
  • जिन छवि लखत यह बुधि भयी
  • जिन जपि जिन जपि, जिन जपि जीयरा
  • जिनराज चरन मन मति बिसरै
  • जिनराज ना विसारो, मति जन्म वादि हारो
  • जिनरायके पाय सदा शरनं
  • जिनवर-आनन-भान निहारत
  • जिनवरमूरत तेरी, शोभा कहिय न जाय

त

  • तू ही मेरा साहिब सच्चा सांई
  • तेरी भगति बिना धिक है जीवना
  • तेरी शांति छवि पे मैं बलि बलि जाऊँ
  • तेरी शीतल-शीतल मूरत लख
  • तेरी सुन्दर मूरत देख प्रभो
  • तेरे दर्शन को मन दौड़ा
  • तेरे दर्शन से मेरा दिल खिल गया
  • तोरी पल पल निरखें मूरतियाँ
  • त्रिभुवन आनन्दकारी जिन छवि
  • त्रिशला के नन्द तुम्हें वंदना हमारी

थ

  • थारा तो वैना में सरधान घणो छै

द

  • दीठा भागनतैं जिनपाला
  • देखो जी आदीश्वर स्वामी कैसा ध्यान लगाया है!

ध

  • धन्य धन्य आज घड़ी कैसी सुखकार है

न

  • निरखत जिनचन्द्र-वदन
  • निरखत सुख पायौ जिन मुखचन्द
  • निरखी निरखी मनहर मूरत
  • नैननि को वान परी, दरसन की

प

  • पद्मसद्म पद्मापद पद्मा
  • पुलकन्त नयन चकोर पक्षी
  • प्यारी लागै म्हाने जिन छवि थारी
  • प्रभु गुन गाय रै, यह औसर फेर न पाय रे
  • प्रभु तुम सुमरन ही में तारे
  • प्रभु तेरी महिमा किहि मुख गावैं
  • प्रभु थारी आज महिमा जानी
  • प्रभु दर्शन कर जीवन की, भीड़ भगी मेरे कर्मन की
  • प्रभु! तुम नैनन-गोचर नाहीं

ब

  • बुधजन पक्षपात तज देखो

भ

  • भज ऋषिपति ऋषभेश
  • भवि देखि छबी भगवान की
  • भविन-सरोरूहसूर भूरिगुनपूरित अरहंता

म

  • मत बिसरावो जिनजी
  • मनवचतन करि शुद्ध भजो जिन
  • मानुष जनम सफल भयो आज
  • मेरी सुध लीजै रिषभ स्वाम!
  • मैं आयौ, जिन शरन तिहारी
  • मैं हरख्यौ निरख्यौ मुख तेरो
  • म्हे तौ थांका चरणां लागां

र

  • रे मन! भज भज दीनदयाल

ल

  • लगी लो नाभिनंदनसों
  • लहरायेगा-लहरायेगा झंडा महावीर का
  • लिया प्रभू अवतार, जय जय कार जय जय कार

व

  • वीतराग नाम सुमर, वीतराग नाम

स

  • सुधि लीज्यौ जी म्हारी, मोहि भवदुखदुखिया जानके
  • स्वामी तेरा मुखड़ा है मन को लुभाना

ह

  • हम आये हैं जिनभूप! तेरे दरसन को
  • हे जिन तेरे मैं शरणै आया
  • हे जिन तेरो सुजस उजागर
  • हे जिन मेरी, ऐसी बुधि कीजै
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