• जैनकोष
    जैनकोष
  • Menu
  • Main page
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • Home
    • Dictionary
    • Literature
    • Kaavya Kosh
    • Study Material
    • Audio
    • Video
    • Online Classes
    • What links here
    • Related changes
    • Special pages
    • Printable version
    • Permanent link
    • Page information
    • Recent changes
    • Help
    • Create account
    • Log in

जैन शब्दों का अर्थ जानने के लिए किसी भी शब्द को नीचे दिए गए स्थान पर हिंदी में लिखें एवं सर्च करें

Help
 Actions
  • Category
  • Discussion
  • View source
  • View history

Category

Category:लिंगपाहुड

From जैनकोष

बाईस गाथाओं के इस लिंगपाहुड में जिनलिंग का स्वरूप स्पष्ट करते हुए जिनलिंग धारण करनेवालों को अपने आचरण और भावों की संभाल के प्रति सतर्क किया गया है । आरंभ में ही आचार्य कहते हैं कि धर्मात्मा के लिंग (नग्न दिगम्बर साधु वेष) तो होता है, किन्तु लिंग धारण कर लेने मात्र से धर्म की प्राप्ति नहीं हो जाती । इसलिए हे भव्यजीवों ! भावरूप धर्म को पहिचानो, अकेले लिंग (वेष) से कुछ होनेवाला नहीं है । आगे चलकर अनेक गाथाओं में बड़े ही कठोर शब्दों में कहा गया है कि पाप से मोहित है बुद्धि जिनकी, ऐसे कुछ लोग जिनलिंग को धारण करके उसकी हँसी कराते हैं । निर्ग्रन्थ लिंग धारण करके भी जो साधु परिग्रह का संगह करते हैं, उसकी रक्षा करते हैं, उसका चिंतवन करते हैं; वे नग्न होकर भी सच्चे श्रमण नहीं हैं, अज्ञानी हैं, पशु हैं ।

इसीप्रकार नग्नवेष धारण करके भी जो भोजन में गृद्धता रखते हैं, आहार के निमित्त दौड़ते हैं, कलह करते हैं, ईर्ष्या करते हैं, मनमाना सोते हैं, दौड़ते हुए चलते हैं, उछलते हैं, इत्यादि असत्क्रियाओं में प्रवृत्त होते हैं, वे मुनि तो है ही नहीं, मनुष्य भी नहीं हैं, पशु हैं ।

आगे चलकर फिर लिखते हैं कि जो मुनि दीक्षा रहित गृहस्थों में और दीक्षित शिष्यों में बहुत स्नेह रखते हैं, मुनियों के योग्य क्रिया और गुरुओं की विनय से रहित होते हैं, वे भी श्रमण नहीं, पशु हैं । जो साधु महिलाओं का विश्वास करके उनको विश्वास में लेकर उनमें प्रवर्तते हैं, उन्हें पढ़ाते हैं, प्रवृत्ति सिखाते हैं, ऐसे वेषधारी तो पार्श्वस्थ से भी निकृष्ट हैं, विनष्ट हैं; श्रमण नहीं हैं । इसप्रकार की प्रवृत्तियों में पड़े हुए वेषी मुनि बहुत विद्वान होने पर भी शास्त्रों का ज्ञाता होने पर भी सच्चे श्रमण नहीं हैं ।

अन्त में आचार्य कहते हैं कि इस लिंगपाहुड में व्यक्त भावों को जानकर जो मुनि दोषों से बचकर सच्चा लिंग धारण करते हैं, वे मुक्ति पाते हैं ।

Pages in category "लिंगपाहुड"

The following 44 pages are in this category, out of 44 total.

ल

  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 1
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 10
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 11
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 12
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 13
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 14
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 15
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 16
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 17
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 18
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 19
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 2
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 20
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 21
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 22
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 3
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 4
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 5
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 6
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 7
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 8
  • वर्णीजी-प्रवचन:लिंगपाहुड - गाथा 9
  • लिंगपाहुड गाथा 1
  • लिंगपाहुड गाथा 10
  • लिंगपाहुड गाथा 11
  • लिंगपाहुड गाथा 12
  • लिंगपाहुड गाथा 13
  • लिंगपाहुड गाथा 14
  • लिंगपाहुड गाथा 15
  • लिंगपाहुड गाथा 16
  • लिंगपाहुड गाथा 17
  • लिंगपाहुड गाथा 18
  • लिंगपाहुड गाथा 19
  • लिंगपाहुड गाथा 2
  • लिंगपाहुड गाथा 20
  • लिंगपाहुड गाथा 21
  • लिंगपाहुड गाथा 22
  • लिंगपाहुड गाथा 3
  • लिंगपाहुड गाथा 4
  • लिंगपाहुड गाथा 5
  • लिंगपाहुड गाथा 6
  • लिंगपाहुड गाथा 7
  • लिंगपाहुड गाथा 8
  • लिंगपाहुड गाथा 9
Retrieved from "https://www.jainkosh.org/w/index.php?title=Category:लिंगपाहुड&oldid=3158"
JainKosh

जैनकोष याने जैन आगम का डिजिटल ख़जाना ।

यहाँ जैन धर्म के आगम, नोट्स, शब्दकोष, ऑडियो, विडियो, पाठ, स्तोत्र, भक्तियाँ आदि सब कुछ डिजिटली उपलब्ध हैं |

Quick Links

  • Home
  • Dictionary
  • Literature
  • Kaavya Kosh
  • Study Material
  • Audio
  • Video
  • Online Classes

Other Links

  • This page was last edited on 5 January 2009, at 02:39.
  • Privacy policy
  • About जैनकोष
  • Disclaimers
© Copyright Jainkosh. All Rights Reserved
  • Powered by MediaWiki